दो स्कूली छात्र स्कूल के बाहर एक दुकान पर पहुंचे। बोले, एक पुड़िया, दो पेपर दे दो। दुकानदार ने बिना देरी किए छात्रों के हाथ में पेपर सिगरेट व गांजा की एक पुड़िया थमा दी। दुकानदार ने जो पैसा मांगा, उसे दे दिया। यह छात्र दुकान के पास एक कोने में पहुंचे और लंबा लंबा कश मारने लगे।
केस -दो
जीटी रोड के मालगोदाम के पास कुछ छात्र किसी शख्स के इंतजार में खड़े हुए थे, तभी एक व्यक्ति आया, जिससे उन्होंने काला सोना मांगा। उसने कागज की एक पुड़िया थमाई और पैसे लिए फिर वह कहीं चला गया। यहां पता चला कि काला सोना चरस को कहा जा रहा था।
केस-तीन
स्कूली ड्रेस में एक छात्र एक दुकान पर पहुंचा। दुकानदार से बोला, अरे चाचा जल्दी से चार मुनक्का दे दो। काफी देर से दूध ठंडा हो रहा है। दुकानदार ने छात्र को फौरन चार मुनक्के दे दिए। उसने मुनक्के जेब में रखे और चला गया।
केस-चार
शहर के एक मेडिकल स्टोर पर कुछ स्कूली बच्चे खांसी की दवा कोरेक्स लेने पहुंचे। दवा की शीशी लेकर थोड़ी दूर जाकर एकांत जगह में एक साथ पी ली और चलते बने।
- ,शहर में स्कूल, काॅलेज के बाहर अगर नशीले चीजों की बिक्री हो रही है, तो इसकी रोकथाम के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। छापा मार अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि स्कूली बच्चों को नशे की गिरफ्त में जाने से रोका जा सके।- अमित कुमार भट्ट, एडीएम सिटी
- बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव योगेश सारस्वत का कहना है कि स्कूल चाहें सरकारी हो या फिर निजी, इनके बाहर दुकानों पर नशे की चीजें बेचना कानूनी जुर्म है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस एवं प्रशासन को अभियान चलाकर कार्रवाई करनी चाहिए।-योगेश सारस्वत, पूर्व सचिव, बार एसोसिएशन