अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन पदाधिकारी
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नकली, अधोमानक और अवैध दवाओं के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं, लेकिन नियमों के तहत कारोबार करने वाले ईमानदार दवा व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ठा. राजीव सिंह और महामंत्री आलोक वाष्र्णेय ने उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स फेडरेशन की ओर से सात अक्टूबर को भेजे गए पत्र का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि नकली दवाओं के निर्माण, फर्जी बिलिंग, गलत इनवॉइस, निरस्त लाइसेंस के दुरुपयोग और अवैध सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि किसी दवा के नकली या अधोमानक होने की शिकायत मिलने पर निर्माता से लेकर डिस्ट्रीब्यूटर, थोक विक्रेता और रिटेलर तक पूरी सप्लाई चेन की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इसमें दवा के बैच, बिल, निर्माता और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल की जाए। एसोसिएशन ने मामलों की समयबद्ध जांच, दोषियों के खिलाफ प्रभावी अभियोजन और बार-बार अपराध करने वालों का रिकॉर्ड तैयार करने की भी मांग की। एसोसिएशन ने दवा व्यापारियों की लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन बनाने, निरीक्षण व सैंपलिंग का डिजिटल रिकॉर्ड रखने तथा दवाओं की एमआरपी और मूल्य निर्धारण व्यवस्था पर केंद्र सरकार से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग उठाई।
ठा. राजीव सिंह ने कहा कि एसोसिएशन नकली दवाओं का कारोबार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के पक्ष में है, लेकिन ईमानदारी से काम करने वाले व्यापारियों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, महामंत्री आलोक वाष्र्णेय ने कहा कि दवा व्यापारियों और औषधि प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से नकली दवाओं के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। एसोसिएशन ने इस दिशा में प्रशासन को सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई।