एलन एंड एलवन डिफेंस एंड एरियोस्पेस कंपनी डिफेंस कॉरिडोर अंडला नोड में सबसे पहले बैनामा कराने वाली कंपनी है। यूपीडा और भारत सरकार से हुए करार के अनुसार कंपनी द्वारा ड्रोन जाएगा। अब यहां ड्रोन के साथ-साथ एंटी ड्रोन भी बनाए जाएंगे। ये मैन्युअली संचालन के साथ-साथ एआई तकनीक आधारित भी होंगे। कई विदेशी कंपनियों की तकनीक पर भी करार हुए हैं। इसके बाद यहां बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने की तैयारी है, जिसके लिए अभी संसाधन, तकनीक अनुमति आदि जुटाई जा रही है।
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ड्रोन : निगरानी के लिए विभिन्न प्रकार और विभिन्न तकनीक के ड्रोन बनाए जाएंगे, जो देश के रक्षा संस्थानों, सेना आदि को दिए जाएंगे। इन ड्रोन की मदद से सामान भी इधर से उधर भेजा जा सकेगा।
एंटी ड्रोन : यह दुश्मनों के ड्रोन पर नजर रखने वाला होगा। अगर दुश्मन किसी इलाका विशेष की निगरानी के लिए अपने ड्रोन भेजता है तो एंटी ड्रोन इस विषय में पहले से सूचना देंगे, अलर्ट जारी करेंगे। ताकि दुश्मन के आने वाले ड्रोन को रोका जा सके या मार गिराया जा सके। इसमें एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।
हमारी फर्म ने ड्रोन बनाने का करार भारत सरकार व यूपीडा से किया था, जिसमें तकनीक विकसित होने पर अब एंटी ड्रोन व एआई तकनीक को शामिल किया गया है। कई देशों से तकनीक साझा हुई है। इस वर्ष इसका उत्पादन हम शुरू कर देंगे। बुलेट प्रूफ जैकेट आदि उत्पादों पर भी काम जारी है। - धनजीत वाड्रा, एमडी, एलन एंड एलवन कंपनी।