एडवांस ड्रोन कैमरे, रायफल, कम्यूनिकेशन सिस्टम, रक्षा उपकरणों की बेशकीमती डाई अब अलीगढ़ में बन सकेंगी। लखनऊ में दो दिवसीय डिफेंस एक्सपो में इसका फैसला हुआ। कुछ विदेशी कंपनियों के साथ डीआरडीओ (डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गनाइजेशन) का करार हुआ है। यही नहीं डाई बनाने में महारथी अलीगढ़ को कई उपकरणों की डाई बनाने का भी सुनहरा मौका मिलेगा। गौर हो कि अलीगढ़ में नैनो तकनीकी का इस्तेमाल कर मानव शरीर के सिर बाल के एक हजारवें हिस्से तक की साफ सुथरी स्पष्ट डाई बनती है। यहां की प्रसिद्ध इंडियन डाई कास्टिंग सहित अन्य कंपनियों में इसी कुशलता की डाई बनाई जाती है जिसमें एडवांस मशीनरी का प्रयोग होता है।
अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के एलान से लेकर लखनऊ में हुए डिफेंस एक्सपो तक बीते दो वर्ष से सक्रिय फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स (फिम) के अध्यक्ष एवं एलन एंड एलवेन के मालिक धनजीत वाड्रा ने बताया कि डीआरडीओ और अन्य विदेशी कंपनियों से हुए करार के अनुसार अब यहां पर ड्रोन कैमरे, एडवांस रायफल, स्माल आर्म्स, एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम, बेशकीमती रक्षा उपकरणों की डाई बन सकेगी। ट्रांसपोर्ट सिस्टम, इंसुलेशन सिस्टम में भी प्रयोग करने की बात हुई है। जिससे कुछ नया विकसित हो, जिसकी भविष्य में जरूरत है।
अभी ये करार प्राथमिक स्तर पर हुए हैं। इसमें तकनीकी पहलू, उपकरण के नाम, मॉडल, डिजायन, वजन, कीमत आदि बातें तय होनी बाकी है। ये सब जल्द तय हो जाएगा। अंडला में प्रस्तावित 45 हेक्टेयर जमीन पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और सांसद सतीश गौतम के प्रयास से काम तेजी से चल रहा है। जमीन हस्तांतरित होने की प्रक्रिया में है। गौर हो कि डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना को लेकर दो वर्ष से बैठकों और फैसलों का दौर जारी है, लेकिन अभी तक जमीन पर कोई यूनिट नहीं है।
पनडुब्बी, मिसाइल, हैंड ग्रेनेड, माइंस डेटोनेटर उपकरण भी दे रहा अलीगढ़
डिफेंस एक्सपो में शामिल हुए दीप एक्सप्लो (रक्षा उत्पाद बनाने वाली अलीगढ़ की कंपनी) के मालिक तरुण सक्सेना और ललेश सक्सेना ने बताया कि उनकी कंपनी के बनाए हुए हैंड ग्रेनेड और स्मोक ग्रेनेड के पुर्जे, कोल माइंस डेटोनेटर के सेल, डेटोनेटर के हैड यूज, पनडुब्बी से मिसाइल लांच करने में जरूरी इग्नाइट स्विच, मिसाइल का ऊपरी कवर, डेटोनेटर के पुर्जे बनाने की मशीनों के लिए कई विदेशी कंपनियों से बात हुई है। बुल्गारिया, केन्या और नेपाल आर्मी के साथ भारत के लिए मिसाइल बनाने वाली कंपनियां भी शामिल थीं। तरुण ने बताया कि डीआरडीओ ने उनकी कंपनी के उत्पादों को देखते हुए उनका रजिस्ट्रेशन मौके पर ही कर लिया है। अब वहां से भी उनको आर्डर मिल सकेेंगे। कुल मिलाकर लखनऊ का डिफेंस एक्सपो अलीगढ़ के लिए खासा अहम साबित हुआ है, जो पहले से काम कर रहे हैं उनके लिए ये एक्सपो सुनहरा अवसर है।
अंडला में बसेगा डिफेंस कॉरिडोर
अलीगढ़-पलवल हाईवे पर अंडला के पास डिफेंस कॉरिडोर के लिए जगह प्रस्तावित है। ये जगह सड़क के दोनों ओर धनुषाकार है। इसके लिए हाईवे के नीचे से एक अंडरपास बनाना प्रस्तावित है। 45 हेक्टेयर की ये जगह कृषि विभाग से यूपीडा को दी जानी है। यूपीडा ही डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना कर रही है। जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त श्रीनाथ पासवान ने बताया कि कृषि विभाग को जिला प्रशासन के माध्यम से उतनी ही जमीन दी जानी है। ये जमीन मिलने के बाद कृषि विभाग जमीन हस्तांतरित कर देगा। ये प्रक्रिया जल्द ही पूरी होगी। इसके बाद यहां कॉरिडोर की स्थापना का काम और तेज होगा।
डिफेंस कॉरिडोर का सफर
1- 2017-18 के बजट में कें द्र सरकार ने देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाने का एलान
2- पहला तमिलनाडु में और दूसरा कॉरिडोर उत्तर प्रदेश में विकसित करना तय हुआ था
3- फरवरी 2018 में लखनऊ इनवेस्टर्स समिट में यूपी डिफेंस कॉरिडोर की घोषणा हुई
4- अलीगढ़ के साथ आगरा, कानपुर, चित्रकूट और झांसी कॉरिडोर में शामिल हुए
5- अगस्त 2018 में अलीगढ़ में कॉरिडोर बैठक रक्षामंत्री सीतारमण और सीएम योगी आए
6- फरवरी 2020 में लखनऊ में डिफेंस एक्सपो हुआ, देश-विदेश की कंपनियां शामिल
7- कॉरिडोर का उद्देश्य भारत में रक्षा उपकरण का आयात कम कर निर्यात बढ़ाया जाए