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डीएल का खेल: गाड़ी चलानी आए यह जरूरी नहीं...ड्राइविंग लाइसेंस के लिए जेब में 6000 होना जरूरी है

Fri, 27 Jun 2025 02:35 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दलाल ने कहा लर्निंग है। हमने कहा नहीं। इसके बाद दलाल ने एक हजार रुपये में लर्निंग लाइसेंस बनाने की बात कही। कहा यहां आने की भी जरूरत नहीं। इसके एक महीने बाद परमानेंट लाइसेंस बनेगा। इसके लिए टेस्ट भी देना होगा। हमने कहा टेस्ट जरूरी है क्या? एजेंट ने कहा अलग से पैसा देंगे तो इससे छुटकारा मिल जाएगा।
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जीटी रोड स्थित आरटीओ के सामने इस गली में बैठे रहते है दलाल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ संभागीय परिवहन कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) बनाने की जो भी प्रक्रिया हो लेकिन दफ्तर के बाहर जमे रहने वाले दलाल बगैर किसी ड्राइविंग टेस्ट के डीएल बनवाने का दावा करते हैं। लाइसेंस बनवाने की फीस भले ही 1350 रुपये है लेकिन यह लोग 6000 रुपये लेकर बिना आरटीओ दफ्तर आए लाइसेंस बनवाने का दावा करते हैं। इनका कहना होता है कि आपको तो बस एक बार फोटो खिंचवाने के लिए आना होगा। चार से पांच दिन में लाइसेंस मिल जाएगा।

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ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर आने वाली शिकायतों को परखने के लिए बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने सारसौल स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पहुंची। यहां कई लोग ऐसे मिले जो बगैर किसी दौड़भाग के डीएल बनवाने का दावा कर रहे थे। हमारे रिपोर्टर ने भी एक दलाल से नोएडा में नौकरी कर रही बेटी के लिए ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की बात की।

दलाल ने कहा लर्निंग है। हमने कहा नहीं। इसके बाद दलाल ने एक हजार रुपये में लर्निंग लाइसेंस बनाने की बात कही। कहा यहां आने की भी जरूरत नहीं। इसके एक महीने बाद परमानेंट लाइसेंस बनेगा। इसके लिए टेस्ट भी देना होगा। हमने कहा टेस्ट जरूरी है क्या? एजेंट ने कहा अलग से पैसा देंगे तो इससे छुटकारा मिल जाएगा। कुल पांच हजार रुपये लगेंगे टेस्ट भी नहीं देना होगा। केवल फोटो खिंचाने के लिए एक दिन आना होगा।

आरटीओ कार्यालय के बाहर लाइसेंस और अन्य कार्यों में बाहरी व्यक्तियों का दखल गंभीर विषय है। इस तरह की शिकायतें मिली हैं। इनकी गहराई से जांच कराई जाएगी, जो भी इसके लिए जिम्मेदार है, जवाब मांगा जाएगा और ऐसी गतिविधियों पर लगाम लगाई जाएगी। - संजीव रंजन, जिलाधिकारी, अलीगढ़ 

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केस-1-पूजा सिंह से वसूल किए छह हजार रुपये

आरटीओ कार्यालय में लर्निंग लाइसेंस की दर 350 रुपये और स्थायी लाइसेंस की दर 1000 रुपये निर्धारित है। दलाल लर्निंग के लिए 1000 और स्थायी के लिए पांच हजार रुपये वसूल रहे हैं। क्वार्सी की रहने वाली पूजा सिंह के साथ यही हुआ। कुछ दिन पहले वह अपना लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ कार्यालय पहुंचीं। वहां बताया गया कि ऑनलाइन आवेदन कर दें। मौके पर मौजूद एक दलाल ने उन्हें झांसे में ले लिया और छह हजार रुपये वसूल किए।

केस-2-ऑनलाइन आवेदन के बाद भी नहीं बना था लाइसेंस
रामघाट रोड की रहने वाली माधुरी बघेल ने भी लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किया, लेकिन विभागीय जटिलताओं के चलते प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। इधर-उधर भटकने के बाद यहां सारसौल पर एक एजेंट से संपर्क किया, जिसके बाद छह हजार रुपये देकर लाइसेंस बनवाया।
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