ई-बस चालकों ने शुक्रवार को गांव अहमदपुर भट्ठे के समीप ई-बस के चालक से मारपीट के विरोध में बसों को डिपो से नहीं निकाला, बाद में मुकदमा दर्ज होने की जानकारी पर ई-बसों का संचालन शुरू किया गया।
ई-बसों के चालकों का कहना था कि जब तक उनकी सुरक्षा और आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होगी बसों का संचालन नहीं करेंगे। इसके विरोध स्वरूप शुक्रवार सुबह छह बजे बसों को नहीं निकाला, करीब एक घंटे बाद उनकी सुरक्षा का एडीएम सिटी द्वारा भरोसा दिए जाने और रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी देने पर बसों का संचालन शुरू किया गया।
वहीं मारपीट के मामले में ई-बस के चालक खैर के गांव सत्तूखेड़ा निवासी हरिओम ने थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए कहा है कि वह वह ई-बस का चालक है, 31 जुलाई को वह बस को अलीगढ़ से इगलास लेकर जा रहा था। साथ में कंडक्टर विमल निवासी ताहरपुर इगलास था। रास्ते में गांव अहमदपुर के समीप नितिन, प्राइवेट बस ठेकेदार दीपक निवासी सिंघारपुर व श्रीपाल निवासी चुरानगला इगलास भीमा निवासी चंदफरी इगलास ने अज्ञात लोगों के साथ बस को रुकवाकर कंडक्टर के साथ गाली-गलौज कर पीटना शुरू कर दिया, जब हमने इसका विरोध किया तब जान से मारने की धमकी देकर भाग गए, मारपीट में टिकट मशीन का फोल्डर और कंडक्टर की जेब से 7400 रुपये गिर गए। थाना प्रभारी अवधेश कुमार ने बताया की मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, मामले की जांच की जा रही है।