फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डॉ. जाकिर के प्रस्तावक का नाम बताने से बच रहा एएमयू इंतजामिया

Mon, 11 Jul 2016 01:42 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
डॉ. जाकिर - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
विज्ञापन
बांग्लादेश में आतंकी घटना के बाद संदेह के घेरे में आए इस्लामिक उपदेशक डॉ. जाकिर नाईक के साथ सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी एएमयू कोर्ट सदस्य चुने गए थे। विवादों में आने के बाद अब डॉ. जाकिर नाईक के प्रस्तावक और अनुमोदक का नाम बताने से एएमयू इंतजामिया बच रहा है। कोर्ट सदस्य भी इस मामले को लेकर चुप हैं।
विज्ञापन

मुस्लिम कल्चर एंड लर्निंग कैटेगरी से 12 जून 2013 को 15 कोर्ट सदस्यों में मुम्बई के डॉ. जाकिर नाईक निर्वाचित हुए थे। इन सभी का कार्यकाल तीन साल का 11 जून 2016 को समाप्त हो गया। एएमयू कोर्ट की वार्षिक बैठक में विभिन्न कैटेगरी से कुल 42 कोर्ट सदस्यों का चुनाव हुआ था।
विधि संकाय के तत्कालीन डीन प्रो. सलीम अख्तर ने निर्वाचित सदस्यों के नामों की घोषणा की थी। ओवैसी का निर्वाचन मुस्लिम एजूकेशनल एंड कल्चरल सोसाइटीज कैटेगरी के अंतर्गत हुआ था। अब यह बताने को कोई तैयार नहीं है कि डॉ. जाकिर नाईक का प्रस्तावक और अनुमोदक कौन था और वे आफिशियल पैनल के थे या विरोधी पैनल के। 11 बार एएमयू कोर्ट के सदस्य रहे खुर्शीद अहमद खान ने बताया कि वे हमारे पैनल के नहीं थे। इनके पैनल को विरोधी पैनल माना जाता है।
विज्ञापन

इस संबंध में एएमयू जनसंपर्क विभाग के एमआईसी डॉ. राहत अबरार कहते है कि डॉ. जाकिर नाईक का प्रस्ताव किसने रखा और उसका अनुमोदन किसने किया, अब याद नहीं है। यह अलग बात है कि तीन वर्षीय कार्यकाल में डॉ. जाकिर नाईक एएमयू कोर्ट की मीटिंग में एक बार भी शामिल नहीं हुए।  
जाकिर के बयानों की जांच और कार्रवाई हो
अलीगढ़। भाकपा की हाजी शमशाद अली की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. जाकिर नाईक को लेकर चर्चा हुई। इसमें डॉ. नाईक के बयानों की जांच और कार्रवाई की मांग की गई। बैठक में कामरेड इकबाल मंद ने कहा कि डॉ. नाईक अतीत में लादेन की आतंकवादी गतिविधियोें को वैध करार दे चुके हैं। वह आत्मघाती हमलों को सही ठहराते हैं। उनके विचारों में समलैंगिक को मौत की सजा देना सही है। उनके विचार से मुसलमानों को दस लड़कियों और महिलाओं से बलात्कार का अधिकार है। कामरेड ने कहा कि इस धार्मिक प्रवृत्ति को रोकने के लिए राज्य सरकार को हर संभव कदम उठाने चाहिए। इस मौके पर कामरेड एहतशाम बैग, इरफान अंसारी, राजेंद्र कु मार माहेश्वरी, मोहम्मद इदरीश, कामरेड एनके पचौरी, रनवीर सिंह, हरीशचंद लोधी, योगेश्वर सिंह, उदयवीर सिंह, ओपी शर्मा, मो.तोसीफ, फराह तलत, चमन खां, मोहम्मद आजाद, शराफत अली, नोमान कुरैशी आदि थे।
डॉ. जाकिर के खिलाफ दी तहरीर
अलीगढ़। शिवसेना के पदाधिकारियों ने डॉ. जाकिर नायक के खिलाफ थाना गांधी पार्क में तहरीर दी है। जिसमें कहा गया है कि जाकिर के बयान आतंकवाद की फसल तैयार कर रहे हैं। उनके बयानों से विश्व भर में आग लगा रखी है। उन्होंने जाकिर के खिलाफ राष्ट्रदोह का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान प्रदेश सचिव मांगेराम शर्मा, बाबा त्रिलोकी नाथ, महेश शर्मा, अशोक पुंढीर, बालक नाथ, भूपेंद्र सिंह जादौन, गौरव शर्मा, ऋतिक भारद्वाज, योगेंद्र कुमार, दुष्यंत शर्मा, पंकज शास्त्री, विजय प्रकाश, कमल शर्मा आदि थे।
2013 में निर्वाचित प्रमुख लोग
इस्लामिक उपदेशक डॉ. जाकिर नाईक, असदुद्दीन ओवैसी, मौलाना एम राबे नदवी, भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान जफर इकबाल, विख्यात उर्दू विद्वान प्रो. गोपीचंद्र नारंग, मौलाना काल्बे सादिक, फिल्म निर्देशक मुजफ्फर अली, फारूख शेख, वैज्ञानिक डॉ. शाहिद जमील, शहर विधायक (अलीगढ़) जफर आलम, पूर्र्व मंत्री कोकब हमीद आदि। 
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें