जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में पूरे प्रदेश में अलीगढ़ में सबसे बड़ी हार का मुंह देख रही समाजवादी पार्टी की जिला पंचायत अध्यक्ष प्रत्याशी डॉ. नीतू सिंह की जमानत जब्त हो गई है। नियमानुसार कुल पड़े 51 वोटों में से उनको जमानत बचाने के लिए 13 वोट चाहिए थे, लेकिन उन्हें केवल नौ वोट मिले हैं। इसलिए जमानत जब्त हो गई है।
बसपा ने चुनाव को मतदान से पहले ही हाईजैक कर लिया था, जिला प्रशासन ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई है। पार्टी के सभी नेताओं ने बार-बार कहा कि विजयी जिला पंचायत सदस्य घरों से गायब हैं, लेकिन इसके बाद भी संज्ञान नहीं लिया गया। इसी वजह से हार हुई। सभी सपा नेता एक साथ हैं और मुख्यमंत्री को इसकी पूरी रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसमें हार की सभी वजहों की बिंदुवार समीक्षा भी शामिल होगी। जमानत जब्त होने की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। -ठा. राकेश सिंह, छर्रा विधायक
अलीगढ़ में पार्टी की हार से सभी नेताओं के माथे पर बल है। ये भी सही है पूरी पार्टी, सभी विधायक और संगठन एक साथ था, लेकिन कुछ कारणों से हार का सामना करना पड़ा है। राजनीतिक मजबूरी में किसी भी पार्टी में किसी भी हार के लिए संगठन को जिम्मेदार माना जाता है। हम भी उस दायरे से बाहर नहीं हैं। लेकिन आला कमान को पूरी हकीकत से अवगत कराया जा चुका है कि बड़बोलेपन ने हार का मुंह का दिखाया है। जमानत जब्त होने की सूचना नहीं मिली है। - अशोक यादव, जिलाध्यक्ष सपा
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नियमानुसार कुल पड़े हुए 51 वोटों में से 13 वोट मिलते तो डॉ. नीतू सिंह की जमानत बच सकती थी। लेकिन उन्हें केवल नौ वोट मिले हैं। इसलिए उनकी जमानत जब्त हो गई है। अब इसकी प्रक्रिया भी जल्द ही पूरी होगी। जमानत के लिए 10 हजार रुपये की राशि जमा कराई गई थी। - जिला निर्वाचन कार्यालय