एएमयू में भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपी डॉ. कफील की सोमवार को सीजेएम न्यायालय से जमानत मंजूर कर ली गई। अब उनकी मंगलवार या बुधवार को रिहाई संभव माना जा रहा है। अदालत ने इस दलील और शर्त के साथ उनकी जमानत मंजूर की है। कोर्ट ने कहा कि यह अपराध सात साल से कम सजा का है और भविष्य में वह इस तरह का अपराध नहीं करेंगे। इसलिए उन्हें जमानत दी जाती है। उनकी जमानत उनके छोटे भाई के अलीगढ़ निवासी दोस्त व दोस्त के भाई ने ली है। जमानत सत्यापन की औपचारिकताओं के बाद डॉक्टर की रिहाई होगी।
बता दें कि डॉ. कफील शुक्रवार से मथुरा कारागार में बंद हैं। एएमयू में नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में स्वराज इंडिया मूवमेंट के अध्यक्ष योगेंद्र यादव के साथ डॉ. कफील बारह दिसंबर को यहां छात्रों के बीच पहुंचे थे। डॉक्टर कफील ने कथित रूप से भड़काऊ बयानबाजी की थी।
13 दिसंबर को उनके विरुद्ध सिविल लाइन में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इसी मुकदमे में एसटीएफ ने मुंबई से उन्हें गिरफ्तार किया था गिरफ्तारी की खबर पर सिविल लाइंस पुलिस की एक टीम उन्हें मुंबई से 31 फरवरी को यहां लेकर आई और रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद जेल भेज दिया। स्थानीय जेल प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से उन्हें तत्काल मथुरा जेल शिफ्ट कर दिया।
इधर, डॉ.कफील के अधिवक्ता इरफान गाजी के अनुसार सीजेएम न्यायालय में जमानत याचिका दायर करते हुए जमानत का अनुरोध किया गया था, जिस पर सोमवार को सुनवाई के बाद अदालत ने इस शर्त के साथ जमानत मंजूर की है कि भविष्य में वह इस तरह का अपराध नहीं करेंगे। हालांकि अभियोजन पक्ष ने बताया कि उनके बयान की वजह से एएमयू का माहौल खराब हुआ था।
मगर बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि यह सात साल से कम सजा का आरोप है और कई दिन से जेल में हैं। इस पर अदालत ने दलील स्वीकारते हुए जमानत मंजूर कर ली।