सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचने की हकीकत रविवार को सामने आई, जब प्रदेश के उद्यान, कृृषि विपणन एवं कृृषि विदेश व्यापार, कृृषि निर्यात मंत्री श्रीराम चौहान ने देखा कि कई अहम योजनाओं का बजट 70 फीसदी भी खर्च नहीं हुआ है और वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब एक महीने का समय शेष है।
इससे मंत्री एवं उद्यान विभाग के निदेशक बहुत नाराज हुए। वह सर्किट हाउस में मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में पता चला कि जनवरी 2021 तक कई योजनाओं में 70 फीसदी बजट भी खर्च नहीं किया गया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में 67 प्रतिशत, राज्य औद्यानिक मिशन में 60 प्रतिशत, एससीपी योजना में 81 प्रतिशत एवं लघु सिंचाई योजना में मात्र 42 फीसद बजट का ही उपयोग हुआ है।
औद्यानिकी के विकास के लिए आवंटित बजट खर्च करने में एटा एवं कासगंज की गति धीमी पाए जाने पर मंत्री ने जिला उद्यान अधिकारियों को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार औद्यानीकरण से किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए दोनों हाथों से खजाने को लुटा रही है, वहीं अधिकारी बजट को दबाए बैठे हैं। इस पर जब एटा के जिला उद्यान अधिकारी को जवाब नहीं सूझा तो वह स्टाफ की कमी का रोना रोने लगे। नाराज मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभागीय बजट का किसान एवं जनहित में सदुपयोग किया जाना चाहिए।
मंत्री ने केंद्र राज्य व जिला सेक्टर की उद्यान से संबंधित सभी योजनाओं की बिंदुवार जानकारी प्राप्त की। जिसमें बागवानी मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत मोर ड्रॉप-मोर क्रॉप समेत अन्य योजनाओं का बजट पूरा खर्च करने को कहा। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी मार्च का इंतजार न करें बल्कि किसान हित में पूरे साल लाभ दें।