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कोरोना से घबराएं नहीं, सावधानी बरतें : सीएमओ

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जनपद में कोरोना तेजी से फैल रहा है। इस बार कोरोना फेफड़ों को सीधे प्रभावित कर रहा है। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी से सुरक्षित रहकर बीमारी से लड़ा जा सकता है। इससे घबराने की नहीं, बल्कि सावधानी बरतने की जरूरत है। इस बीमारी से बचाव के लिए रोजाना भाप लें और गुनगुने पानी का सेवन करें।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ बीपी सिंह ने बताया कि यदि सांस लेने में दिक्कत हो रही हो तो तत्काल चिकित्सक को दिखाएं। सूखी खांसी आना, खांसते वक्त सीने में दर्द होना भी कोरोना के लक्षण है। ऐसे में घबराए नहीं, अपने को घर के अन्य सदस्यों से अलग होकर आइसोलेट हो जाएं।
इसके बाद चिकित्सक की सलाह से दवा का सेवन करें, हर आधे घंटे पर ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन के स्तर की जांच करते रहें। साथ ही ठंडे पानी और ठंडे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। गुनगुना पानी पीते रहे। संतरा, सेब, नारियल पानी का सेवन करें। खाली पेट बिल्कुल न रहे, क्योंकि खाली पेट होने पर वायरस तीव्रता से हावी हो सकता है।
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नोडल अधिकारी व डिस्ट्रिक सर्विलांस ऑफिसर (डीएसओ) डॉ अनुपम भास्कर ने बताया कि शरीर में ऑक्सीजन का सैचुरेशन 100 फीसदी होना चाहिए लेकिन यह 94 से लेकर 98 के बीच रहना अच्छा माना जाता है। 94 से कम होने पर मॉनिटरिंग की जरूरत होती है। बेहतर ऑक्सीजन लेवल के लिए उल्टे लेट (प्रोनिग पोजीशन) सकते हैं। कई बार नाक बंद होने से भी शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, ऐसेे में भाप लें।
ज्यादा दिक्कत होनेे पर चिकित्सक की सलाह पर नेबुलाइज भी कर सकते हैं। कोरोना पॉजिटिव होनेेे पर शरीर को आराम की जरूरत है। लेकिन श्वसन से जुड़े व्यायाम जारी रखना बेहतर होता है। डीप ब्रीदिंग शरीर को मिलनेेे में ऑक्सीजन की बढ़ोतरी करती है। गुब्बारों को फुलाकर सीढ़ियों पर चढ़-उतरकर 20 सेकंड से 60 सेकंड तक सांस रोककर फेफड़ों को मजबूत करने के साथ प्राणायाम करें।
डॉ. शोएब अंसारी ने बताया कि परिवार में सर्दी या फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। ऐसे में घर में भी मास्क लगाकर रखें। हाथों को समय-समय पर 40 सेकंड तक साबुन और पानी से धोते रहें। चेहरे को छूने से बचें, दूसरों से दो गज की दूरी बनाकर रखें ।
कितने समय के लिए लेनी चाहिए भाप
जैसे आप हाथों को सैनिटाइजर से साफ करते हैं, ठीक वैसे ही स्टीम अंदर जाकर फेफड़ों को सैनिटाइज करता है। रोजाना पांच मिनट तक भाप लेने से वायरस से बचाव हो सकता है।
कितनी बार लेनी चाहिए भाप
दिन में तीन बार से ज्यादा भाप नहीं लेनी चाहिए। साथ ही एक बार में 5 मिनट से ज्यादा भाप नहीं लेनी चाहिए। एक बात का ध्यान रखिए कि भाप लेते वक्त मुंह खुला रहना चाहिए।
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