जिला अस्पताल के वार्ड संख्या 5 के पीछे तीमारदार के खाने पर यही कुत्ता उनके खाने पर झपट पड़ा।
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में कुत्तों के जबरदस्त आतंक के चलते एक ही दिन में कई मरीज और तीमारदारों को काट लिया। इस पर स्थिति और गंभीर तब हो गई जब अस्पताल में एंटी रैबीज इंजेक्शन खत्म हो गए। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मरीजों को निजी तौर पर बाहर के मेडिकल स्टोरों से 260 रुपये की एंटी रैबीज इंजेक्शन खरीद कर लगवाना पड़ा। दो दिन पहले नवागत कमिश्नर ने जब जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था तो कुत्तों का मुद्दा जोरशोर से उठा था, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
बंदरों का भी आतंक बढ़ रहा
कुत्तों के साथ- साथ अब बंदर भी शहर में नया खतरा बन रहे हैं। शहर के पुराने मोहल्ले सुरेंद्र नगर, महेंद्र नगर आदि के साथ ही पॉश कॉलोनी में भी बंदरों का आतंक बढ़ गया है। रामघाट रोड स्थित एडीए कॉलोनी स्वर्ण जयंती नगर आदि में भी बंदरों को सड़क पर घूमते देखा जा सकता है। बंदरों के चलते इन इलाकों में लोगों में दहशत व्याप्त है। इसके बावजूद नगर निगम के अफसरों ने इन्हें पकड़ने के लिए अभियान नहीं चलाया है।