एमएलसी (स्थानीय निकाय) चुनाव अलीगढ़-हाथरस क्षेत्र में सपा प्रत्याशी जसवंत सिंह और कई दलोें द्वारा समर्थित प्रत्याशी सुनील सिंह आमने-सामने की टक्कर है। इस चुनाव में 2770 वोट दोेनों की किस्मत का फैसला करेंगे। दोेनों ही प्रत्याशी काफी मजबूती और रणनीति से चुनाव लड़ रहे हैं।
दोनों प्रत्याशियों ने अपने-अपने सेफहाउसों में अपने काफी वोटरोें को भिजवा दिया है। ऐसे भी कई वोटर हैं, जोे अभी तक दोनों प्रत्याशियों को नहीं मिले हैं। ऐसे में दोनों के समर्थक इनकी तलाश कर रहे हैं। दोेनोें प्रत्याशियों के समर्थक यह भी देख रहे हैं कि किस क्षेत्र के वोटरों में उनकी पकड़ कमजोर है और इसे अंतिम समय में कैसे दूर किया जा सकता है। चुनाव जीतने के लिए हर फार्मूला आजमाया जा रहा है।
सपा हाथरस और अलीगढ़ दोेनों जिला पंचायतों से अध्यक्ष का चुनाव हारी है। ऐसे में पार्टी आलाकमान ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। पार्टी के कई बाहरी नेता आलाकमान के निर्देश पर यहां जमे हुए हैं। पार्टी हर सूरत में यह सीट अपनी झोली में डालना चाहती है। वहीं विपक्ष एकजुट हो गया है। ऐसे में अगले चंद घंटे इस चुनाव में काफी अहम होंगे। अपने वोटरों को अंत तक सहेजे रखना और दूसरे खेमे में सैंधमारी करना दोेनों पक्षों की रणनीति का आखिरी हिस्सा है।
सत्ता का हो रहा है चुनाव में दुरुपयोगः सुनील
अलीगढ़ (ब्यूरो)। विधान परिषद (स्थानीय निकाय) के निर्दलीय प्रत्याशी सुनील सिंह ने आरोप लगाया है कि सत्ताधारी सपा प्रत्याशी व उनके समर्थक इस चुनाव में सरकारी मशीनरी का जमकर दुरुपयोग कर रहे हैं। थानों में बैठकर वोटरों को नोट बांटे जा रहे हैं। पंचायत विभाग के अधिकारियों को धमकाया जा रहा है। उनके समर्थक काफी वोटरोेें को अगवा कर लिया गया है और यह प्लानिंग है कि इन्हें वोट ही न डालने दिया जाए। वह होटल पॉम ट्री में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस चुनाव में लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इगलास, गोंडा, चंडौस, खैर आदि थानों में बैठाकर वोटरों को नोट बांटे गए हैं। सुनील सिंह ने आरोप लगाया कि उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। खैर में ब्लॉक प्रमुख के यहां छापा मारकर धमकाया गया हैं। कुछ मामलों के सबूत भी उन पर हैं। उन्होेंने आरोप लगाया कि सपा प्रत्याशी ने अपनी पार्टी के कुछ नेताओं के साथ शहर के एक होटल में 12 एडीओ को बुलाकर उनसे स्पष्ट कहा कि वह उन्हें वोट दिलवाएं। बाहुबल का जमकर प्रयोग किया जा रहा है। काफी वोटरों को अगवा कर लिया गया है। सत्ताधारी दल के प्रत्याशी यह भी योजना बना रहे हैं कि इन वोटरों को मतदान का समय बीतने के बाद मुक्त किया जाए।
सुनील सिंह ने डीएम अलीगढ़ की तो तारीफ की और कहा कि वह तो अच्छे आदमी हैं लेकिन पुलिस प्रशासन सत्ता के दबाव में गलत हथकंडे अपना रहा है।
उन्होेंने कहा कि इसकी शिकायत उन्होेंने चुनाव आयोग में कर दी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा ने तोे उन्हें बाहरी तौर पर समर्थन दिया है। इसके अलावा बसपा, रालोद, कांग्रेस आदि दलों के नेता स्थानीय स्तर पर उनके साथ हैं। उन्होेंने यह भी खुलासा किया कि सपा के भी यहां के तीन चौथाई नेता अंदरखाने उनके साथ हैं लेकिन पार्टी नेतृत्व की वजह से खुलकर सामने नहीं आ रहे। सरकार ने इस चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया है, इसलिए सपा के बाहरी नेता यहां आकर जमे हुए हैं। उन्होंने अलीगढ़-हाथरस स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के मतदाताओं से अपील की कि वह किसी के डर या बहकावे में न आएं।