अलीगढ़ में 14 जून की दोपहर को एएमयू के जेएन मेडिकल कालेज में डॉक्टरों ने हड़ताल कर दी। इमरजेंसी में भी काम ठप हो गया। दूरदराज से आने वाले मरीजों को वापस कर दिया गया। चिकित्सक सुरक्षा की मांग कर रहे थे। इनका कहना था कि 14 जून तड़के तीन बजे कुछ लोग इमरजेंसी में घुस आए। जब सुरक्षाकर्मियों ने इन्हें रोकने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट की गई।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में तैनात सुरक्षा सहायक नूर मोहम्मद ने सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि 14 जून तड़के कुछ लोग इमरजेंसी में आ रहे थे। जब उन्हें रोका गया तो वह हंगामा करने लगे। हाथापाई की गई। शोर सुनकर दो अन्य सुरक्षा गार्ड फहीमुद्दीन और इस्लाम हैदर मौके पर पहुंचे तो इनके साथ भी मारपीट की गई। कुछ लोग वीडियो भी बनाने लगे। सुरक्षा सहायक नूर मोहम्मद की शिकायत पर सराय रहमान निवासी नवेद और शुएब के अलावा 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
14 जून दोपहर जनरल बॉडी की बैठक हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला किया। डेढ़ महीने पहले भी इसी तरह की मारपीट की घटना के विरोध में डॉक्टरों ने हड़ताल की थी। - डॉ. अख्तर, उपाध्यक्ष, रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन
सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट हुई थी। इस संबंध में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। डॉक्टरों की हड़ताल समाप्त कराने के लिए प्रयास जारी हैं। जल्द समाधान निकाला जाएगा। - प्रो. वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू
फिर उठी सुरक्षा की मांग
हड़ताल कर रहे डॉक्टरों की मांग है कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और निकास पर सुरक्षा के उपाय किए जाएं। पहचान पत्र की जांच की जाए। सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता को सुधारा जाए। इमरजेंसी में इस तरह की घटनाएं होती हैं। मरीज के साथ आए लोग इलाज कर रहे डॉक्टरों पर ही हमलावर हो जाते हैं। लगातार इस तरह की घटनाएं डॉक्टरों को उनका काम करने में रुकावट डालती हैं। सुरक्षा को भी खतरा रहता है।