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AMU: डेंगू मरीज की मौत पर डॉक्टर को पीटा, मेडिकल में हड़ताल, 350 मरीज बिना इलाज लौटे

Tue, 30 Sep 2025 12:36 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने तीन रेजिडेंट डॉक्टरों पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अख्तर अली ने बताया कि सुबह सात बजे वार्ड-11 में दुखद और निंदनीय घटना सामने आई। डॉक्टरों पर चाकू से हमला किया गया। इसमें एक डॉक्टर के कान में गंभीर चोट आई है।
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जेएन मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में डेंगू मरीज की मौत पर तीमारदारों ने एक जूनियर डॉक्टर को चांटा मार दिया। इससे आक्रोशित डॉक्टरों ने इमरजेंसी, ओपीडी और आईपीडी सेवाएं ठप कर दी और हड़ताल पर चले गए। इससे यहां स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई। 350 मरीज बिना इलाज कराए लौटे। इससे पहले 27 अगस्त को यूनिवर्सिटी के छात्र और जूनियर डॉक्टर के बीच मारपीट के बाद डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे।

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जमालपुर टूटी बाउंड्रीवाल के पास रहने वाले अली हसन (48) को बुखार, हाइपरटेंशन, प्लेटलेट्स गिरने के चलते 26 सितंबर को भर्ती कराया गया था। वह डेंगू से पीड़ित थे। वार्ड नंबर-11 में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें सीसीयू में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने सीपीआर भी दी। इसी बीच मंगलवार की सुबह 10:30 अली हसन की मौत हो गई। अली की रिश्तेदार यास्मीन, जो मेडिकल कॉलेज में अस्थाई नर्स हैं, वह मरीज को सीसीयू से बाहर निकालने पर डॉक्टर पर नाराज हो गईं। यह सुनते ही तीमारदार भड़क गए। उन्होंने अभद्रता करते हुए डॉ. आकाश को चांटा मार दिया।

इससे गुस्साए जूनियर डॉक्टरों ने सुबह 11 बजे इमरजेंसी, ओपीडी और आईपीडी सेवाएं ठप कर दी। इमरजेंसी में जिन मरीजों को इलाज चल रहा था, उन्हें बाहर कर दिया गया। मरीजों को उनके तीमारदार जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, डीडीयू अस्पताल और निजी अस्पताल ले गए। वहीं, बुलंदशहर, हाथरस, कासगंज, एटा, संभल, बदायूं, अलीगढ़ से आए 350 मरीजों को बिना इलाज कराए लौटना पड़ा।

मरीज की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने मरीज को बचाने की पूरी कोशिश की। जूनियर डॉक्टरों के साथ हड़ताल खत्म करने की बातचीत चल रही है। अस्थाई नर्स यास्मीन को हटा दिया गया है। - डॉ. मसूद हसन खान, असिस्टेंट प्रॉक्टर व अनुशासन प्रभारी, जेएन मेडिकल कॉलेज

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सीपीआर देने का नाटक करने का पत्नी ने लगाया आरोप, दी तहरीर

मृतक अली हसन की पत्नी शाकिरा ने कहा कि बार-बार कहने पर मरीज को सीसीयू में ले गए, जहां डॉ. नितीश, डाॅ. कार्तिक, डॉ. राज ने तीमारदारों को धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। मरीज के मरने के बाद 10 मिनट तक सीपीआर देने का नाटक करने लगे। उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना सिविल लाइंस में तहरीर दी है।
आरडीए ने लगाया चाकू से हमला करने का आरोप

रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने तीन रेजिडेंट डॉक्टरों पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. अख्तर अली ने बताया कि सुबह सात बजे वार्ड-11 में दुखद और निंदनीय घटना सामने आई। डॉक्टरों पर चाकू से हमला किया गया। इसमें एक डॉक्टर के कान में गंभीर चोट आई है। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती और मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक सभी डॉक्टर हड़ताल पर रहेंगे। आरडीए ने एफएआईएमए (फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन) से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

ये हैं मांगें
  • हमले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
  • इस घटना में लापरवाही बरतने वाले नर्सिंग स्टाफ को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
  • अस्पताल में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों की संख्या सीमित की जाए और कड़ी निगरानी रखी जाए।

छह महीने में चौथी बार जूनियर डॉक्टरों ने की हड़ताल
जेएन मेडिकल कॉलेज में पिछले छह महीने में चौथी बार जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर गए हैं। इससे पहले 27 अगस्त, 13 जून, 14 जून और 22 अप्रैल 2025 को भी डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवाएं बंद कर हड़ताल की थी।
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