JN Medical College (File Photo)
- फोटो : Social Media
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में रेजीडेंट सर्जन डॉक्टर के कोरोना पॉजिटिव आने पर मेडिकल कॉलेज की रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन (आरडीए) भी सतर्क हो गई है। एसोसिएशन ने ट्रॉमा सेंटर को कोविड-19 हॉस्पिटल घोषित करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि अगर डॉक्टरों को पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) उपलब्ध नहीं कराया गया तो वह कार्य का बहिष्कार कर देंगे।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हमजा मलिक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में फीवर वार्ड और आइसोलेशन वार्ड चालू हैं। जहां पर तैनात रेजिडेंट डॉक्टरों को पर्याप्त पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं ,लेकिन ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत रेजिडेंट डॉक्टरों को कोई भी पीपीई किट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। जिससे कोई भी रेजिडेंट डॉक्टर संक्रमित हो सकता है।
अगर डॉक्टरों में इंफेक्शन फैला तो उससे काफी लोगों के संक्रमित होने की संभावना रहेगी। इसलिए जनहित में मांग की है कि जेएन मेडिकल कॉलेज को कोविड-19 हॉस्पिटल घोषित करने के साथ ही अन्य मरीजों की जांच कर उनको डिस्चार्ज किया जाए। रेजिडेंट डॉक्टरों को पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट उपलब्ध कराए जाएं ।अगर डॉक्टरों को पीपीई किट उपलब्ध नहीं हुई। तो कोई भी रेजिडेंट डॉक्टर कार्य पर नहीं जाएगा। इस संबंध में आईडीए द्वारा मेडिकल प्रशासन और जिला प्रशासन को पूर्व में भी अवगत कराया गया है।
जैन मेडिकल कॉलेज में पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश से कोरोना संक्रमण के मामले जांच के लिए आ रहे हैं, इसके अलावा इमरजेंसी सेवाएं भी चल रही हैं। शहर में कहीं पर भी गंभीर मरीज को अच्छा उपचार मिलने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज को कोविड-19 हॉस्पिटल घोषित करना नैतिकता का तकाजा नहीं है, वैसे इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए बिना जिला प्रशासन से मशवरा किए कोई फैसला करना संभव नहीं होगा।
- प्रोफेसर शाफे किदवई, एमआईसी, जनसंपर्क विभाग एएमयू