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'डॉक्टर डेथ' की कहानी: मरीजों से इलाज के लेता था इतने हजार, बनाने वाला था वृद्धाश्रम; यहां मिली एक बोरी चिल्लर

Sat, 24 May 2025 11:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

डॉक्टर डेथ राजस्थान के दौसा में वृद्धाश्रम बना रहा था। वह 2 से 3 हजार रुपये प्रति मरीज से लेकर हर तरह की बीमारियों के इलाज का दावा करता था। 
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डॉक्टर डेथ देवेंद्र - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सौ से ज्यादा हत्याएं करने वाला कुख्यात डॉ. देवेंद्र शर्मा उर्फ डॉक्टर डेथ को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। राजस्थान के दौसा जिले के बांदीकुई में डॉक्टर डेथ एक वृद्धाश्रम बनाने वाला था। उनने आश्रम के लिए भवन किराये पर ले लिया था। 
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इसके लिए श्री बालाजी आश्रम के नाम से चलाए जाने वाले इस आश्रम के लिए यह भवन उसने पहले अपने किसी चेले रामचरण गुर्जर और फिर सज्जन के नाम से लिया था। जिसके लिए समिति बनाकर रजिस्ट्रेशन भी करा लिया था। मगर उसमें खुद का नाम कहीं नहीं रखा था।

एक बोरी चिल्लर मिली आश्रम से
दिल्ली पुलिस के अधिकारी बताते हैं उसे गिरफ्तार करने के लिए दिल्ली पुलिस के लोग मरीज बनकर पहुंचे थे। उसे गिरफ्तार करने के बाद जब तलाशी ली गई तो उसके पास से सिर्फ एक बोरी चिल्लर मिली। जिसमें सिक्के, छोटे नोट के अलावा काफी प्रयास के बाद भी कोई अन्य संपदा या संपत्ति दस्तावेज नहीं मिले। 
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माना गया कि वह मंदिर पर आने वाले चढ़ावा व उपचार की रकम होगी। वह दयादास महाराज के नाम से रामेश्वरधाम मंदिर में रह रहा था। सुबह 4 बजे से जागकर पूजा अर्चना के बाद वह प्रवचन करता था। इसके बाद दिन भर तमाम प्रकार के रोगों के मरीजों का उपचार करता था। जिसके लिए दो से तीन हजार रुपये लेता था।

दिल्ली में विधवा संग पकड़ा गया था
जिले के छर्रा क्षेत्र के गांव पुरैनी के डॉ.देवेंद्र उर्फ डाक्टर डेथ के क्राइम रिकार्ड पर ध्यान दें तो उसे सबसे पहले 2004 के आसपास जयपुर के एक मुकदमे में सजा हुई। उसके बाद से लगातार सजा होने के चलते वह 16 वर्ष तक राजस्थान व हरियाणा की जेलों में रहा। तभी उसने कारागार प्रशासन के समक्ष परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु का हवाला दिया। उसे जनवरी 2020 में 20 दिन की पैरोल मिल गई। मगर वह उसे जंप कर दिल्ली आ गया। 

 

पहले कुछ दिन मोहन गार्डन इलाके में किसी परिचित के घर रहा। फिर बापरौल में किसी विधवा से शादी कर वहां छिपकर रहा और प्रापर्टी डीलिंग के धंधे में पांव जमाने लगा। तभी उसने जयपुर के किसी प्रापर्टी डीलर को दिल्ली के कनाट प्लेस में मार्शल हाउस दिलाने के नाम पर ठगने का प्रयास किया। बस वहीं वह फंस गया और जुलाई 2020 में पकड़ा गया। उसके बाद से वह दिल्ली जेल में रहा।
 

‘डॉक्टर डेथ’ बेटों को बना रहा डॉक्टर-इंजीनियर
सौ से ज्यादा हत्याएं करने वाला कुख्यात डॉ. देवेंद्र शर्मा उर्फ डॉक्टर डेथ की पारिवारिक कहानी फिल्मी है। अपराध की दुनिया में आने के बाद उसने अपने परिवार को कानून से बचाने के लिए पत्नी को तलाक दे दिया, लेकिन पत्नी के साथ रह रहे अपने दोनों बेटों को अच्छी शिक्षा दिलाई। इस समय उसका बड़ा बेटा पुणे के एक बड़े संस्थान से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है जबकि छोटा बेटा भी महाराष्ट्र के ही किसी संस्थान से इंजीनियरिंग कर रहा है।
 

डाॅ. देवेंद्र शर्मा उर्फ डॉक्टर डेथ के राजस्थान से पकड़े जाने के बाद जब गांव पहुंचकर ग्रामीणों व परिवार के लोगों से बातचीत की गई तो वे खुलकर तो ज्यादा कुछ नहीं बोले। बस इतना ही बताया कि आखिरी बार 2020 में फरवरी माह में वह कोविड के समय में गांव आया था। आधा घंटा यहां रुका था। तब उसने बताया था कि पेरोल पर छूटकर आया है। 
 

उस समय उसने 20 दिन छर्रा थाने में हाजिरी भी लगाई थी। इस बीच जब ग्रामीणों ने उसकी पत्नी व परिवार के अन्य सदस्यों के विषय में पूछा तो बताया कि एक भाई उत्तराखंड में रहता है, जबकि एक भाई सीआईएसएफ में कार्यरत है। वहीं पत्नी के विषय में बताया कि उसकी शादी बीएएमएस शिक्षित होने के चलते कासगंज के एक रेलवे अफसर की बेटी से हुई थी। 

 

उसके दो बेटे भी हैं। ग्रामीणों व खानदान के सदस्यों ने दबी जुबां से यह बात स्वीकारी कि जब वह कोविड के समय में गांव आया था। तब उसने बातचीत में ये बात स्वीकारी थी कि पत्नी से कानूनी तरीके से लिखा पढ़ी में तलाक ले लिया है। ताकि उसे पुलिस परेशान न करे। दोनों बेटे उसी के पास रहते हैं। मगर यह बात नहीं बताई कि दोनों कहां रहते हैं। 

 
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हां, महाराष्ट्र में कहीं उनके होने की चर्चाएं जरूर होती रहीं हैं। मगर इसकी कोई पुष्टि नहीं। बेटों के विषय में इतना जरूर बताया था कि बड़ा बेटा एमबीबीएस कर रहा है और बड़ा डॉक्टर बनेगा। पत्नी बच्चों को पूरा खर्चा भेजता हूं। बेटों की पढ़ाई का खर्च भी संभाल रहा हूं। इसी से उसके शातिराना अंदाज का पता लगाया जा सकता है।

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