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डॉक्टर डेथ की कहानी: पैरोल से गिरफ्तारी तक, इस शहर में देवेंद्र से बना दयादास; पूजा-प्रवचन संग करता था ये काम

Sat, 24 May 2025 09:29 AM IST
शाहरुख खान अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

दो माह की पैरोल पर रिहा हुआ डॉक्टर डेथ दौसा में दयादास बन गया था। 100 से ज्यादा हत्याएं करने वाले डाक्टर डेथ ने संपत्ति बंटवारे के नाम पर दिल्ली हाईकोर्ट से पैरोल लिया था। अब वह दौसा में वृद्धाश्रम बना रहा था।
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डॉक्टर देवेंद्र कुमार शर्मा उर्फ डॉक्टर डेथ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के सीवान से बीएएमएस करने वाले डॉ. देवेंद्र शर्मा ने इतने अपराध किए कि वह डॉक्टर डेथ बना। मगर अबकी बार पैरोल पर रिहा होने के बाद वह डाक्टर डेथ से दयादास महाराज बन गया। 100 से ज्यादा हत्याएं करने वाले कुख्यात ने अपने शातिर दिमाग से कानून से बचने के लिए दो बार अलग-अलग कारणों से पैरोल पाई। 
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दोनों बार पैरोल जंप कर अपना ठिकाना बदला। अबकी बार वह दौसा के बांदीकुई में जाकर बसा और वहां मंदिर पर पूजा-प्रवचन के साथ लोगों का उपचार तक कर रहा था। सुबह 4 बजे उठकर वह सबसे पहले पूजा पाठ करता था। इसके बाद प्रवचन करता था। फिर इलाज करता था।

वह 2 से 3 हजार रुपये प्रति मरीज से लेकर हर तरह की बीमारियों के इलाज का दावा करता था। उसने एक वृद्धाश्रम बनाने के लिए भवन किराये पर ले लिया था। मगर दो वर्ष के प्रयास में पकड़ा गया। हालांकि दूसरी बार पैरोल जंप करने के चलते कानून के जानकार कहते हैं कि शायद ही उसे अब भविष्य में कभी पैरोल मिल पाए।
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अब बांदीकुई बनाया था ठिकाना
दूसरी बार के विषय में मिली जानकारी के अनुसार उसने जून 2023 में दिल्ली हाईकोर्ट में अपनी पैतृक संपत्ति के बंटवारे व उसे बेचने आदि के नाम पर पैरोल आवेदन किया। उसे जुलाई-अगस्त यानि दो माह के लिए पैरोल मिला। 

मगर इस बार फिर से वह पैरोल जंप कर गया। अबकी बार उसने अपना नया ठिकाना राजस्थान दौसा के बांदीकुई इलाके में बनाया। जहां वह साधुवेश धारण कर लोगों का उपचार करने लगा।
 

आपको बता दें कि पहले 16 वर्ष जेल काटने के बाद जनवरी 2020 में मिला 20 दिन का पैरोल जंप किया था। दूसरी बार जून 2023 में दो माह यानी जुलाई-अगस्त तक के लिए मिला पैरोल जंप किया था। 72 घंटों तक के लिए डीएम की संस्तुति पर कारागार प्रशासन, एक माह तक के लिए शासन, उससे अधिक के लिए अदालत से पैरोल मिलता है।


 

सर्विलांस बनी पकड़ने में सहारा
जब उसने पैरोल जंप कर दी। अदालत से वारंट जारी होने लगे तो दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को इसके पीछे लगाया गया। क्राइम ब्रांच ने उसके पुराने नंबरों, संपर्कों, वकीलों आदि के जरिये कुछ ऐसे नंबर जुटाए।
 

जिनमें उसका कोई एक नंबर व उसकी पत्नी तक का नंबर मिला। दिल्ली पुलिस के सूत्र बताते हैं कि इसी बीच एक नंबर पर उसने रिचार्ज कराया। वहीं से लोकेशन मिलती चली गई। तब जाकर उसे पकड़ने में सफलता मिली।

 

बड़ा बेटा पहुंचा स्विटजरलैंड-छोटा मां संग मुंबई
बेशक सार्वजनिक जीवन में यह चर्चाओं में है कि डा.देवेंद्र उर्फ डाक्टर डेथ व उसकी पत्नी के रिश्ते नहीं। दोनों ने तलाक ले रखा है। मगर अंदरखाने की खबर पर ध्यान दें तो पुलिस को कई बार पत्नी के उसके संपर्क में रहने के सुराग मिले हैं। 


 

अब उसे पकड़ने के लिए काम कर रही पुलिस को पता चला कि उसका बड़ा बेटा स्विटजरलैंड पहुंच गया, जबकि छोटा बेटा केरला बेस्ट किसी कंपनी में जॉब करते हुए मां के साथ मुंबई में रहता है।
 
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डॉक्टर डेथ के विषय में जो भी जानकारी अन्य राज्यों की पुलिस हमसे मांग रही है। वह दी जा रही हैं। अब तक यही पता चला है कि वह दोसा में पहचान बदलकर रह रहा था। बाकी जो मदद दिल्ली या अन्य राज्य की पुलिस मांगेगी, दी जाएगी।-अमृत जैन, एसपी देहात


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