कुंवर पाल को पता चला कि उनका केस हाईकोर्ट में खारिज हो चुका है। इस पर उन्होंने वकील से अपने रुपये वापस मांगे। परिजन का आरोप है कि वकील ने उनके साथ अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी।
अलीगढ़ में थाना बन्ना देवी क्षेत्र के नगला कलार निवासी बर्खास्त पुलिस आरक्षी कुंवर पाल (67) ने विषाक्त पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है। उन्होंने सुसाइड नोट में इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपना केस लड़ने वाले वकील पर धोखा देकर नौ लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया। साथ ही अपनी मौत के लिए वकील को जिम्मेदार ठहराया है।
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कुंवर पाल को वर्ष 2012 में फिरोजाबाद जिले में तैनाती के दौरान हुई गोलीकांड की एक घटना के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। अपनी बहाली के लिए वह इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।परिजन के अनुसार उनका केस लड़ रहे वकील ने कई किस्तों में 6.20 लाख रुपये लिए थे। 20 मार्च 2026 को वकील ने मोबाइल पर कॉल कर केस जीतने की बात कही और जीत की खुशी सहित अन्य खर्चों के नाम पर तीन लाख रुपये और ऐंठ लिए।
20 अप्रैल को कुंवर पाल को पता चला कि उनका केस हाईकोर्ट में खारिज हो चुका है। इस पर उन्होंने वकील से अपने रुपये वापस मांगे। परिजन का आरोप है कि वकील ने उनके साथ अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है।सीओ द्वितीय धनंजय सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। परिजन से तहरीर मिलने पर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।