प्रो. हामिद अशरफ ने बताया कि गांव से ज्यादा शहर के लोग मधुमेह की गिरफ्त में हैं। अध्ययन में गांव रठगांव, जवां, छेरत सहित आठ गांवों के लोग और शहर के ऊपरकोट, सर सैयद नगर, धौर्रामाफी, जमालपुर सहित अन्य मोहल्ले के लोग शामिल हैं। इनकी आयु 18 से 60 वर्ष थी। अध्ययन में गांव के 30 और शहर के 70 फीसदी लोगों को मधुमेह है। लोगों का उपवास प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट, रैंडम प्लाज्मा ग्लूकोज टेस्ट, ए-1सी टेस्ट (दो से तीन महीनों में मापता है), ओरल ग्लूकोज टॉलरेंस टेस्ट, ब्लड शुगर टेस्ट किया गया। इसके बाद विश्लेषण करके रिपोर्ट तैयार की गई। आठ महीने तक लोगों पर निगरानी की गई।
हर महीने आठ करोड़ रुपये की दवा खा जाते मधुमेह के मरीज
अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह टिल्लू ने बताया कि जिले में हर महीने आठ करोड़ रुपये की दवा मधुमेह के मरीज खा जाते हैं। फफाला बाजार से सभी कंपनियों की 8 से 8.5 करोड़ रुपये की मधुमेह की दवाएं गांव और शहर के मेडिकल स्टोरों पर आपूर्ति हो रही हैं।