एएमयू के इतिहास में लंबे समय तक कर्मचारियों का धरना चलने का रिकॉर्ड बन गया है। विभिन्न मांगों को लेकर वह 65वें दिन भी धरने पर बैठे रहे। इससे पहले कर्मचारियों का धरना वर्ष 2003-04 में 54 दिन तक चला था।
अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने और स्थायी कर्मचारियों को रुके भत्ते देने सहित अन्य मांगों को लेकर कुलपति कार्यालय के सामने सभी कर्मचारियों ने 28 अक्तूबर 2023 को धरना दे दिया। अपनी मांगें मनवाने के लिए कर्मचारियों ने एएमयू इंतजामिया का जनाजा निकाला। अधिकारियों का पुतला बीच सड़क पर बिठाया। मानव शृंखला बनाकर इंतजामिया को होश में आने की धमकी दी गई। इसके बाद हड़ताल की, लेकिन कर्मचारियों की मांगें अनसुनी कर दी गईं।
कार्यकारी परिषद की बैठक में फिर इन कर्मचारियों का मुद्दा उठा, लेकिन कुछ मांगों को मानने का आश्वासन दिया गया। आंदोलन के अगुवा फैसल गांधी ने कहा कि उनका धरना चलता रहेगा। 18 जनवरी को कार्यकारी परिषद की बैठक में कर्मचारियों की मांगों का मुद्दा उठेगा। उन्होंने कहा कि एएमयू इंतजामिया अपने कर्मचारियों के साथ शिक्षा मंत्रालय को भी बरगला रहा है। मंत्रालय बार-बार इस बात पर जोर देता है कि एएमयू में कर्मचारियों की तादाद ज्यादा है, लेकिन उन्हें जवाब देने के बजाय खामोश रहता है।