मुस्लिमों की प्रमुख संस्था जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने गुरुवार को कहा कि उसने चुनाव आयोग और जिला अधिकारी को पत्र लिखकर अलीगढ़ में प्रस्तावित धर्म संसद पर रोक लगाने की मांग की है। जमीयत ने अपने पत्र में कहा कि अलीगढ़ में 22 और 23 जनवरी को या किसी अन्य स्थान पर किसी अन्य तारीख पर प्रस्तावित धर्म संसद के आयोजन पर प्रतिबंध लगे।
संस्था ने ''आदतन हेट स्पीच (समाज में वैमनस्यता फैलाने वाले भाषण देने वालों) देने वालों, गैर कानूनी कार्यवाही में संलिप्त रहने वालों पर कार्रवाई की मांग की और कहा कि शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराना चुनाव आयोग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।'' जमीयत ने अपने पत्र में लिखा, ''ये लोग स्पष्ट रूप से धर्म संसद का आयोजन चुनाव के दौरान समाज में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने के लिए कर रहे हैं और उन्हें रोका जाना चाहिए।''