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डीजीपी ने शहर को सौंपी दोपहिया पीआरवी

Sun, 03 Jun 2018 02:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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डीजीपी द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित की गईं छात्राएं। - फोटो : अमर उजाला
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 यूपी के डीजीपी ओमप्रकाश सिंह ने शनिवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में आयोजित समारोह में शहर को दो दर्जन दोपहिया पीआरवी और चार दर्जन लैपर्ड सौंपी। डीजीपी ने परेड के उपरांत इन दोपहिया वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने यूपी-100 के पुलिसकर्मियों और आत्मरक्षार्थ प्रशिक्षित बच्चियों को सम्मानित कर उनकी हौसला अफजाई भी की।
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इसके उपरांत पुलिस लाइन परिसर में सेंट्रल कैंटीन व मनोरंजन सदन का शुभारंभ भी किया। वहीं इस नए प्रयास के लिए जिला पुलिस टीम की सराहना भी की। साथ ही जिला पुलिस से उम्मीद जताई कि अब यूपी-100 का रेस्पांस टाइम 10 मिनट हो, ऐसा प्रयास किया जाए।

जिले के भ्रमण पर सुबह आए डीजीपी ओपी सिंह ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सलामी ली। इसके उपरांत वह पुलिस लाइन परेड ग्राउंड पहुंचे, जहां उन्हें यूपी-100 की दो दर्जन नई दोपहिया पीआरवी व 5 दर्जन लैपर्डों ने मय स्टाफ आरआई राममोहन शर्मा के नेतृत्व में परेड की सलामी दी गई। इसके बाद डीजीपी ने इन वाहनों को हरी झंडी दिखाकर एक साथ रवाना किया।
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इनमें से दोपहिया पीआरवी वाहन यूपी-100 को शहर के लिए सौंपे गए हैं, जबकि लैपर्ड वाहन शहरी थानों के लिए सौंपे गए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अब यूपी-100 का रूट तय करने का जिम्मा एसएसपी स्तर पर सौंपा गया है। हम चाहते हैं कि पीआरवी हाईवे, चौराहों पर दिखाई दे। आज दोपहिया पीआरवी अलीगढ़ को मिलने से यहां का यूपी-100 और मजबूत होगा।

कई क्षेत्रों में हम सफल हुए हैं। लगातार प्रगति हो रही है। अब तक हमारा रेस्पांस टाइम 23 से 25 मिनट था, जो घटकर 14 मिनट आ गया है। मगर अब हमारा प्रयास है कि यह टाइम घटकर 10 मिनट रह जाए। ऐसा ही हमारे मुख्यमंत्री चाहते हैं।

इस मौके पर एएसपी/सीओ गभाना नीरज जादौन के नेतृत्व में गभाना के सरस्वती विद्या मंदिर की उन नौ बच्चियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने आत्मरक्षार्थ प्रशिक्षण लिया है। इन बच्चियों में ममता चौधरी, नेहा सिंह, सृष्टि सिंह, प्रान्शी सिंह, लालिमा सिंह, रिद्दिमा सिंह, रश्मि, प्रिया, खुशबू शामिल हैं। इस दौरान यूपी-100 की विभिन्न पीआरवी पर तैनात उन पुलिसकर्मियों को भी डीजीपी ने सम्मानित किया, जो पिछले कुछ माह में पीआरवी ऑफ द डे चुने गए।

यहां बताया गया कि अलीगढ़ जोन में प्रथम व प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहा है। इसके बाद पुलिस लाइन में सेंट्रल कैंटीन व मनोरंजन सदन का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर एडीजी अजय आनंद, डीआईजी डॉ. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी अजय कुमार साहनी सहित जिले भर के अधिकारी मौजूद रहे।

छात्राओं को सुन भावुक हुए डीजीपी, खिंचवाए फोटो
आत्मरक्षार्थ प्रशिक्षण लेने वाली बच्चियों को सम्मानित करने के बाद जब उन्हें माइक से बोलने का मौका दिया तो उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के बाद उन्हें लगा कि पुलिस की मदद से उनमें आत्मबल आया है। इसके लिए वह एएसपी नीरज जादौन व जिला पुलिस की सदैव आभारी रहेंगी। इस पर डीजीपी इस विद्यालय से आईं सभी 150 बच्चियों को मंच पर बुलाकर उनके साथ फोटो खिंचवाए और उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इन सभी ने प्रशिक्षण लिया है और सभी को प्रमाण पत्र दिए गए।

डीजीपी से मिलने की जिद नहीं हो सकी पूरी
एक प्रॉपर्टी विवाद को लेकर पहुंची अधिवक्ता महिला सुमन वर्मा निवासी हरदुआगंज की डीजीपी से मिलने की जिद पूरी नहीं हो सकी। महिला का कहना था कि 28 जनवरी 2016 में उसने कुछ लोगों पर फर्जीवाड़े का मुकदमा दर्ज कराया है। थाना पुलिस से लेकर अन्य थानों, क्राइम ब्रांच, ईओडब्ल्यू आदि से जांच के बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा। हर बार पुलिस मुकदमा एफआर कर देती है। इस पर महिला को बमुश्किल रोका गया। समझाया कि आपके साक्ष्यों को अब विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जाएगा। एसपी सिटी व सीओ ने महिला को जैसे तैसे समझाकर शांत कराया। इंस्पेक्टर क्वार्सी को 4 दिन में जांच व अन्य कार्रवाई पूरी करने के आदेश दिए। तब जाकर महिला बिना मिले वापस लौटी।

यह पुलिसकर्मी भी किए गए सम्मानित
डीजीपी ने हाल ही में मुठभेड़ में बदमाशों को मारने वाली टीम के सिपाही एमपी सिंह, सुखवीर सिंह, सुभाष, रिषी कुमार आदि के अलावा यूपी-100 के रामवीर सिंह, चालक शैलेंद्र कुमार,  लोकेश कुमार, चालक संजय कुमार, विजयवीर,  राहुल, यादराम, भूप सिंह, धर्मेंद्र,  चालक बबलू, जितेंद्र, दिलावर, जगपाल सिंह, राजन चौधरी, राकेश कुमार को सम्मानित किया गया।
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