सत्संग की अनुमति लेने वाले मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर की तलाश की गई। मधुकर फरार हो गया। उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख का इनाम तक घोषित किया गया। पुलिस का शिकंजा कसता देख मधुकर ने दिल्ली में समर्पण कर दिया। हालांकि हाथरस पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी ही बताई। इस बात को दो महीने का समय होने जा रहा है लेकिन पुलिस अभी तक इस पूरे मामले में मधुकर के खिलाफ साक्ष्य नहीं जुटा सकी है। एसपी निपुण अग्रवाल ने उस वक्त प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि सत्संग के लिए मधुकर ने चंदा लिया है। उसके खाते चेक कराए जाएंगे। आज तक एक खाता चेक नहीं कर सके। कुल मिलकर किसी भी सवाल का जवाब अभी तक ढूंढ नहीं पाए हैं। बस हर अधिकारी का एक ही जवाब मिलता है कि जांच चल रही है।
56 दिन में एक भी साक्ष्य नहीं जुटा पाईं एजेंसियां
- मधुकर के सियासी पार्टियों से संबंध नहीं तलाश सके
-मधुकर के बैंक खाते नहीं ढूंढ सके
-मधुकर की संपत्ति का अभी तक कोई ब्योरा नहीं
- मधुकर की सत्संग समिति में कौन कौन थे, कुछ नहीं पता
-सत्संग हादसे के बाद मधुकर ने किसे फोन किया नहीं पता
-सत्संग के नाम पर कितना फंड जुटाया नहीं पता कर सके
बैंक से मधुकर के खाते का ब्योरा मांगा गया है। इस संबंध में बैंकों को ई-मेल किए गए हैं। लेकिन अभी तक खातों का ब्योरा नहीं मिला है। - निपुण अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक, हाथरस