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कोशिश करते रह गए ‘देवमणि’, मगर नहीं मिले ‘सहयोगी’

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विधायक देवमणि द्विवेदी। - फोटो : CITY OFFICE
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कौशल कुमार ओझा
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इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी एवं गोंडा एसओ के बीच मारपीट के मामले में सुल्तानपुर जिले के लंभुआ विधायक देवमणि द्विवेदी के प्रवेश के बाद भाजपा नेता सतर्क हो गए है। सहानुभूति दिखाने पहुंचे देवमणि द्विवेदी से भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी ने ही किनारा कर लिया। उनका कहना है कि उनका यहां क्या काम है। मारपीट का चैप्टर कल ही खत्म हो गया है। अलीगढ़ से लेकर लखनऊ तक की राजनीति में हलचल है।
लंभुआ विधायक देवमणि द्विवेदी बृहस्पतिवार को अचानक अलीगढ़ पहुंच गए। वह सांसद सतीश गौतम के घर पर पहुंचे। इसी बीच यह बात शहर में फैल गई कि राजकुमार सहयोगी एवं एसओ के बीच मारपीट मामले की जांच के लिए पार्टी ने उन्हें भेजा है। जल्द ही लखनऊ तक के मोबाइल बज उठे। उसके बाद स्पष्ट हुआ कि वह पार्टी की तरफ से नहीं आए हैं। यह उनका व्यक्तिगत दौरा है। वहीं, भाजपा विधायक देवमणि के आगमन का वास्तविक कारण किसी के समझ में नहीं आ रहा है। फिलहाल, राजनीति के जानकार, इसको लेकर आकलन में जुटे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि भारतीय रेलवे में उच्च पद पर सेवा दे चुके देवमणि की महत्वाकांक्षा अधिक है। थाने में विधायक के साथ मारपीट की घटना को वह बड़े मुद्दे के रूप में देख रहे हैं, इसलिए घटना की सूचना के बाद रातों-रात वह अलीगढ़ के निकल पड़े।
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खास बात यह है कि भाजपा विधायक राजकुमार सहयोगी ही देवमणि से किनारा कर गए। देवमणि फोन लगाते रहे लेकिन सहयोगी ने उनके फोन को रिसीव नहीं किया। अलीगढ़ से जाने से पहले यह स्थिति हो गई कि देवमणि से मिलने से बड़े नेता कतराने लगे। चर्चा तो यह भी है कि देवमणि सरकार के रुख से बहुत संतुष्ट नहीं हैं। यह चीज उनकी बातचीत में भी झलक रहा था। कुछ लोग देवमणि की यात्रा को प्रदेश भाजपा की राजनीति में चल रहे खींचतान से भी जोड़ कर देख रहे हैं।
विधायक देवमणि से हमें कोई लेना-देना नहीं हैं। उनकी यहां जरूरत भी नहीं है। थाने में मारपीट से संबंधित चैप्टर कल ही खत्म हो गया। हमारे यहां समर्थ नेताओं की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने त्वरित कार्रवाई कर सभी को संतुष्ट कर दिया है। - राजकुमार सहयोगी, विधायक, इगलास
देवमणि द्विवेदी राजनीति करने आए थे। उन्हें संगठन ने नहीं भेजा है। अलीगढ़ जनपद में पहले से ही 12 जनप्रतिनिधि हैं। राजकुमार सहयोगी से तो उनसे मिले भी नहीं। मारपीट के मामले में पहले ही प्रभावी कार्रवाई हो गई है। - चौधरी ऋषिपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, भाजपा
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देवमणि द्विवेदी मेरे यहां आए थे। जलपान एवं भोजन किया। गोंडा थाने में राजकुमार सहयोगी एवं थानाध्यक्ष के बीच मारपीट के मामले में बातचीत हुई। वह जिलाधिकारी के यहां चले गए। उसके बाद बात नहीं हुई। - सतीश कुमार गौतम, सांसद
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