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Aligarh: खेतों पर चारा लेने गए देवर-भाभी की करंट से मौत, शव को सड़क पर रख लगाया जाम, किया हंगामा

Thu, 09 May 2024 05:01 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

कोंछोड़ के खेतों पर देवर धर्मेंद्र और उसकी भाभी नीतू चारा लेने गए थे। खेत पर जानवरों को भगाने के लिए तारों में करंट प्रवाहित किया गया था। दोनों करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौत हो गई।
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मृतक देवर धर्मेंद्र और उसकी भाभी नीतू - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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अलीगढ़ महानगर से सटे हाईवे बाईपास के सहारे के गांव कोछोंड़ के खेत की तारबंदी कर छोड़े गए करंट से चिपककर देवर-भाभी की मौत हो गई। 8 मई को हुए इस घटनाक्रम पर 9 मई को लोगों का गुस्सा शवों के गांव पहुंचने पर भड़क उठा। शवों को नेशनल हाईवे-बाईपास पर रखकर दोनों ओर जाम लगा दिया। इस दौरान वाहनों पर ईंट पत्थर तक फेंके गए। तीन घंटे तक समझाने में जुटी रही पुलिस से जमकर नोकझोंक के बीच हंगामा होता रहा। लोग महिला के बेटे को नौकरी व पचास लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। बाद में अधिकारियों ने समझाकर जाम खुलवाया। 

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महुआ खेड़ा क्षेत्र के गांव कोछोंड़ के मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले वेदप्रकाश की पत्नी नीतू (36) बुधवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर से पशुओं के लिए चारा लेने गई थी। इसके बाद वह शाम तक नहीं लौटी। इस दौरान उसका पति व देवर आदि परिजन काम पर गए हुए थे। शाम को देवर अविवाहित धर्मेंद्र लौटा तो बच्चों ने मां के गायब होने की जानकारी दी। गांव के आसपास खेतों में टोलियां बनाकर महिला की तलाश शुरू हुई। करीब देर शाम नौ बजे धर्मेंद्र को पता चला कि गांव की महिलाएं गजनीपुर की तरफ के खेतों में चारा लेने जाती हैं। जब वह वहां पहुंचा तो एक मक्का के खेत की तारबंदी पर उसने भाभी की साड़ी लहराती देखी। झांकने पर पाया कि वह तारों के बीच मृत पड़ी है। समझते देर न लगी कि करंट से उसकी मौत हुई है।
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उसके साथ उसका छोटा भाई सोनू व कुछ अन्य युवक थे। धर्मेंद्र ने सोनू को आवाज लगाते हुए भाभी को उठाने का प्रयास किया तो वह भी करंट से चिपक गया। बाद में शोर मचाकर ग्रामीण बुलाए। तब पहले से मृत महिला का शव हटाया और धर्मेंद्र को बेसुध हालत में दीनदयाल अस्पताल भेजा। खबर पर पुलिस भी आ गई। अस्पताल में धर्मेंद्र (25) को भी मृत घोषित कर दिया गया। 

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पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम को भेज दिए। जहां सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाए जा रहे थे। इसी दौरान पहले तो पुराने बाईपास पर गांव कमालपुर के बाहर शव रखकर जाम लगाया। वहां से किसी तरह पुलिस ने समझाकर हटा दिया तो फिर दोनों शवों को ग्रामीण नेशनल हाईवे बाईपास पर ले गए। दोनों ओर एक-एक शव रखकर जाम लगा दिया। महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। इस दौरान कुछ वाहनों ने निकलने का प्रयास किया तो युवकों ने उन पर ईंट पत्थर बरसा दिए। यहां करीब सवा एक बजे दोपहर में जाम लगा और सवा चार बजे तक यथावत रहा।
 
 इस दौरान मौके पर कई थानों का फोर्स, सीओ आदि पहुंच गए। समझाने के प्रयास किए। मगर, पुलिस से नोकझोंक होती रही। चार बजे एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक पहुंचे। जिनके समक्ष महिला के बेटे को नौकरी व परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी। जिस पर उन्होंने शासन स्तर से वार्ता कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। तब जाकर जाम खुला। 
 इधर, मामले में वेदप्रकाश के पिता की तहरीर पर गजनीपुर निवासी खेत स्वामी राजवीर, उनके बेटे सोनू-मोनू पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें खेत में करंट छोड़ने और उससे चिपककर दोनों की मौत होने का उल्लेख है।

इस घटना में लोगों ने जाम लगाया था। उन्हें समझाकर जाम खुलवाया गया है। बाकी प्रशासनिक स्तर से मदद व मुआवजे आदि पर प्रयास किया जा रहा है। मुकदमे के आधार पर जांच में आगे कार्रवाई की जाएगी। -मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी
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