पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम को भेज दिए। जहां सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव घर लाए जा रहे थे। इसी दौरान पहले तो पुराने बाईपास पर गांव कमालपुर के बाहर शव रखकर जाम लगाया। वहां से किसी तरह पुलिस ने समझाकर हटा दिया तो फिर दोनों शवों को ग्रामीण नेशनल हाईवे बाईपास पर ले गए। दोनों ओर एक-एक शव रखकर जाम लगा दिया। महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। इस दौरान कुछ वाहनों ने निकलने का प्रयास किया तो युवकों ने उन पर ईंट पत्थर बरसा दिए। यहां करीब सवा एक बजे दोपहर में जाम लगा और सवा चार बजे तक यथावत रहा।
इस दौरान मौके पर कई थानों का फोर्स, सीओ आदि पहुंच गए। समझाने के प्रयास किए। मगर, पुलिस से नोकझोंक होती रही। चार बजे एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट, एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक पहुंचे। जिनके समक्ष महिला के बेटे को नौकरी व परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजे की मांग रखी। जिस पर उन्होंने शासन स्तर से वार्ता कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। तब जाकर जाम खुला।
इधर, मामले में वेदप्रकाश के पिता की तहरीर पर गजनीपुर निवासी खेत स्वामी राजवीर, उनके बेटे सोनू-मोनू पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें खेत में करंट छोड़ने और उससे चिपककर दोनों की मौत होने का उल्लेख है।
इस घटना में लोगों ने जाम लगाया था। उन्हें समझाकर जाम खुलवाया गया है। बाकी प्रशासनिक स्तर से मदद व मुआवजे आदि पर प्रयास किया जा रहा है। मुकदमे के आधार पर जांच में आगे कार्रवाई की जाएगी। -मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी