यूजर चार्ज देने के बावजूद नगरवासियों के घरों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। नगर आयुक्त का पद संभालने वाले एडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह के समक्ष घर-घर से कूड़े उठवाना बड़ी चुनौती है।
यूं तो शहर में समस्याओं का अंबार है। कुछ समस्या ऐसी है, जिसका दैनिक स्तर पर निपटारा बेहद जरूरी होता है। अमृत योजना एवं सीवर लाइन निर्माण के लिए शहर की सड़कें ख्ुादी पड़ी हैं।
बार-बार शिकायत के बावजूद इसका समाधान नहीं हुआ है। लोग गिरकर घायल हो रहे हैं। कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पानी के लिए लोगों को तरसना पड़ रहा है। गर्मी में नगरवासियों को बेहद परेशानी हुई। अभी भी कई क्षेत्रों में समस्याएं बरकरार हैं। गूलर रोड, अशोक नगर, न्यू अशोक नगर, मित्रनगर एवं शक्तिनगर में ठीक से जलापूर्ति नहीं हो रही है। कभी-कभी बदबूदार एवं गंदे पानी की आपूर्ति होने से क्षेत्र के लोग खून के आंसू रो रहे हैं। बेगपुर में भी लोग पानी के लिए तरस रहे हैं।
सफाई नहीं होने के कारण कई क्षेत्रों में नालियां उफान मार रही हैं। जलभराव व गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। महानगर में डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई क्षेत्रों में एलईडी नहीं लगने के कारण रात में अंधेरा पसरा रहता है। दो एजेंसियों के बीच की लड़ाई की सजा नगरवासी भुगत रहे हैं। नगर निगम के उपसभापति पुष्पेंद्र सिंह जादौन का कहना है कि समन्वय के अभाव में बहुत सारे कार्य अधूरे पड़े हैं। अधूरे कार्य को पूरा करना नए नगर आयुक्त के समक्ष बड़ी चुनौती है। नगरवासी उम्मीद भरी नजरों से नगर आयुक्त की ओर देख रहे हैं।