लेखा परीक्षा विभाग की टीम ने एटा के जैथरा में 136 और सकीट के 85 परिषदीय स्कूलों का ऑडिट किया था। यहां समिति के द्वारा बिल-वाउचर नहीं उपलब्ध कराया गया है। इन पर करीब 1.27 करोड़ रुपये का गबन का मामला सामने आया।
एटा में मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) में गड़बड़ी सामने आने के बाद अलीगढ़ में सवाल उठने लगे हैं। लेकिन यहां ऑडिट के लिए विभाग के द्वारा पत्रावलियां नहीं उपलब्ध कराई जा रहीं हैं।
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एमडीएम के लिए राशन कोटे की दुकान से आता है। जबकि कन्वर्जन कॉस्ट विभाग उपलब्ध कराता है। प्राइमरी में प्रति बच्चे पर 6.19 और जूनियर में 9.29 रुपया कन्वर्जन कॉस्ट दिया जाता है। यह धनराशि मसाला, तेल आदि पर खर्च होता है।
लेखा परीक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विकास खंडेलवाल ने बताया कि विभाग की टीम ने एटा के जैथरा में 136 और सकीट के 85 परिषदीय स्कूलों का ऑडिट किया था। यहां समिति के द्वारा बिल-वाउचर नहीं उपलब्ध कराया गया है। इन पर करीब 1.27 करोड़ रुपये का गबन का मामला सामने आया है। टीम ने बेसिक शिक्षा विभाग को नोटिस जारी किया है। एमडीएम के जिला समन्वयक अंकित चौहान ने बताया कि सभी स्कूलों और बीईओ को नोटिस जारी किया गया है। उनसे जल्द आपत्तियों का जवाब मांगा गया है।