कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय।
- फोटो : CITY OFFICE
अनामिका शुक्ला नाम की फर्जी शिक्षिका ने प्रदेश के 25 जिलों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में लंबे समय तक अपनी सेवाएं दीं। इसके एवज में मानेदय भी लिया। जब अनामिका नाम से 25 विद्यालयों में फर्जी तरीके से नौकरी करने का मामला सामने आया, तब शासन स्तर से कार्रवाई शुरू हो गई, जिसमें मामला सही पाया गया। अनामिका की सेवाएं समाप्त करके उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। मगर, असली अनामिका कौन है, इसकी खोज में शिक्षा विभाग व पुलिस विभाग जुट गया है।
25 विद्यालयों में अलीगढ़ के बिजौली स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भी शामिल है, जहां अनामिका निवासी मैनपुरी फर्जी तरीके से सेवारत थी। हालांकि, जांच के बाद बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने उसकी सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही उसके खिलाफ थाना पालीमुकीमपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। फर्जी शिक्षिका अनामिका होली की छुट्टी में अपने घर गई थी। वह छुट्टी पूरी करके आने वाली थी, तभी देश में लॉक डाउन लग गया। इसी दौरान फर्जी तरीके से अनामिका नाम से 25 विद्यालयों में नौकरी करने का मामला उजागर हो गया। जांच-पड़ताल शुरू हो गई। फर्जी तरीके से नौकरी लेने का प्रकरण सामने आ गया।
शिक्षा विभाग में असली अनामिका कौन है, इसकी चर्चाएं तेज हो गईं। लोगों का अंदेशा है कि इस तरह का कारनामा करने में एक महिला नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे एक बड़े गिरोह का काम है। यह भी बात सामने आ रही है कि कहीं, केवल अनामिका शुक्ला के अभिलेखों का इस्तेमाल फर्जी तरीके से नौकरी पाने में तो नहीं किया गया है। हालांकि, पुलिस की जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज हो चुकी है। रिपोर्ट के बाबत शासन को अवगत कराया जा रहा है।