स्टेशन पर एफसीआई की मालगाड़ी की लोडिंग एवं अनलोडिंग करने वाले एक ठेकेदार ने स्थानीय अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मैसर्स तिरुपति ट्रांसपोर्ट कनवरीगंज के ठेकेदार रोहित शर्मा ने इस अधिकारी की एक शिकायत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय, एनसीआर के महाप्रबंधक, लेखा विभाग के उच्चाअधिकारियों को भेजी है। ये पूरा मामला मालगाड़ी की लोडिंग अनलोडिंग से जुड़ा है। जब माल उतारने या चढ़ाने में तयशुदा वक्त से अधिक समय लगता है तो रेलवे इसके लिए डेमरेज और वारफेज शुल्क संबंधित ठेकेदार से वसूल करता है। ठेकेदार इस शुल्क को माफ कराने के लिए रेल प्रशासन से गुहार करते हैं। कई बार ठेकेदारों की दलील को सही मानते हुए ये शुल्क माफ कर दिया जाता है। शुल्क माफ करने के एवज में ठेकेदारों को संबंधित अधिकारियों को भी खुश करना होता है।
ठेकेदार रोहित ने अपनी शिकायत में कहा है कि स्टेशन पर तैनात यातायात लेखन निरीक्षक केके शर्मा ने उससे डेमरेज और दूसरे शुल्कों को माफ करने के एवज में कुल माफ होने वाली धनराशि का एक फीसदी भुगतान सुविधा शुल्क के रूप में मांगा था। जबकि वह खुद केवल आधा फीसदी देेने को तैयार था। एक फीसदी नहीं देने पर अधिकारी ने किसी भी कीमत पर भुगतान नहीं होने देने को कहा। जब इसकी शिकायत उसके उच्चाअधिकारियों से की गई तो वह और भड़क गए। उन्होंने कहा कि अब किसी कीमत में भुगतान नहीं मिलेगा।
वहीं इस संबंध में संबंधित अधिकारी केके शर्मा का कहना है कि ठेकेदार खुद रेलवे के नियमों कानून का पालन नहीं कर रहा। दबंगई दिखा कर मनमाने ढंग से लोडिंग एवं अनलोडिंग के डेमरेज और दूसरे शुल्कों का भुगतान प्राप्त करना चाहता है। जब ठेकेदार को भुगतान नियमानुसार करने को कहा तो उसने शिकायत कर प्रपंच रच दिया है। इस प्रकरण में उनके अधिकारियों से मिले निर्देशों पर ही काम हो रहा है।