एटा भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष संदीप जैन
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एटा भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष संदीप जैन को पत्र भेजकर धमकी दी गई। उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई। भाजपा नेता के पास रंगदारी मांगने का पत्र पहुंचने के बाद से ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। रविवार की देरशाम रिपोर्ट दर्ज की गई। खुलासे के लिए तीन टीमें लगा दी गईं। सोमवार की सुबह आरोपी पिता-पुत्र को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसएसपी उदय शंकर सिंह ने पुलिस लाइन में बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष को पत्र भेजने वाले भूपेंद्र यादव और इसके पुत्र धनंजय यादव निवासी घिलौआ कोतवाली देहात को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों ने ही षड़यंत्र रचकर अपने ही गांव के विरोधी सुमित उर्फ शिवा, मोनू यादव व कुलदीप के नाम लिखकर पत्र भेजा था। पत्र 29 अप्रैल को भाजपा जिलाध्यक्ष के घर पर स्पीड पोस्ट से पहुंचा। उसी दिन वह एमएलसी आशीष यादव को साथ लेकर एसएसपी से मिले।
मामले का खुलासा करने के लिए कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर कुमार सिंह, कोतवाली देहात प्रभारी सुनील कुमार सिंह और स्वॉट प्रभारी शंभूनाथ मिश्रा को लगाया गया। डाकघर में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला गया। इसमें आरोपी धनंजय यादव की पहचान स्पीड पोस्ट के समय के आधार पर हुई। उसे गिरफ्तार किया तो उसने धमकी भरा पत्र भेजना कबूल कर लिया। एसएसपी ने बताया कि धनंजय एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय लखनऊ से एलएलबी प्रथम वर्ष का छात्र है। पिता भूपेंद्र यादव अलीगढ़ में गन्ना विभाग में कैन सुपरवाइजर के पद पर तैनात हैं।
छह हजार रुपये की उधारी को लेकर था विवाद
एसएसपी ने बताया कि करीब एक वर्ष पूर्व कुलदीप ने अपने चचेरे भाई भूपेंद्र से 6000 रुपये उधार लिए थे और बदले में गेहूं देने को कहा था। उसने रुपये नहीं दिए और मांगने पर भूपेंद्र से अभद्रता कर दी थी। इसी बात को लेकर पिता-पुत्र ने उसे फंसाने की साजिश रची और खुद ही फंस गए।