मंगलवार कोे सुबह से ही मृतक करन के पक्ष मेें व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यह लोग आरोपियों पर रासुका लगाने और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं। तनाव के चलते दिनभर पुलिस और आरएएफ की टुकड़ी गश्त करती रही। इस दौरान करन के परिवार की आर्थिक मदद भी की जा रही है।
एसडीएम (कोल) महिमा सिंह ने बताया कि मृतक करन के परिजनों को एक आवास के लिए ढाई लाख रुपये स्वीकृत किए गए, उसके भाई को नगर पंचायत जवां सिकंदपुर में संविदा पर नौकरी दी गई है। 10 हजार रुपये नकद, 10 हजार रुपये बैंक खाते में एडवांस में भेज दिए गए हैं। परिजनों को दो बोरी गेंहू, चावल भिजवा दिए गए हैं। करन की मां के के नाम अंत्योदय कार्ड भी बनवा दिया जाएगा व नगर पंचायत की बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पास कराकर उसकी मां को तीन बीघा पट्टा दिया जाएगा।
जर्जर मकान से था जान-माल का खतरा, अवैध कब्जा भी
नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी अनामिका सिंह ने बताया कि हत्यारोपियों का एक मकान जर्जर हालत में था उसके कुछ हिस्से पर कब्जा भी था, जर्जर मकान से जान-माल को खतरा था, इसकी वजह से उसे ढहा दिया गया है, जबकि आरोपियों के घरों के अवैध हिस्से की भी पैमाइश कराई जा रही है।
वहीं पूर्व ग्राम प्रधान चमन खां ने नवंबर 2024 से सचिवालय पर अवैध कब्जा कर रखा था, जिसे खाली करने के उसी समय आदेश दिए गए और सचिवालय को सीज कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद पूर्व प्रधान पक्ष सीज सचिवालय को अपने घर का सामान रखने और काम-धंधे लिए इस्तेमाल कर रखा था, हिस्से में अतिक्रमण कर रखा था, जिसे ढहाकर कब्जा मुक्त करा लिया है। साथ ही नगर पंचायत की दो दुकानें भी कब्जा मुक्त कराई हैं। इन दुकानों को प्रधान ने अपने रिश्तेदारों को आवंटित कर रखा था।