तनाव, तनातनी और हंगामे के बीच कस्बे में सोमवार को पुलिस-प्रशासन ने करन की हत्या के आरोपियों के उस खंडहर मकान को बुलडोजर से ढहा दिया, जिसमें उसकी हत्या की गई थी। आरोपियों के दूसरे मकानों के अवैध कब्जे वाले हिस्सों की भी पैमाइश कराई जा रही है। उधर, करन के परिजनों ने आरोपियों के नए घरों को तोड़ने की मांग की और हंगामा किया। सुबह से ही कस्बे में बाजार बंद रहे।
सीओ सर्वम सिंह ने बताया कि सबसे पहले पूर्व प्रधान चमन खां के सचिवालय पर किए गए अवैध कब्जे को हटवाया और वहां किए गए अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया है। इसके अलावा अयूब खां की घड़ी और हबीब की चप्पलों की दुकान पर अतिक्रमण कर बनाए गए निर्माण को तोड़ दिया गया। इस दौरान दुकानदार पक्ष के लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया, उनका कहना था कि नोटिस चस्पा करने के बाद उन्हें दुकानें खाली करने तक का समय नहीं दिया गया।
दोपहर करीब 3:30 बजे एडीएम प्रशासन भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अधिकारी पुलिस फोर्स व बुलडोजर के साथ उस खंडहर मकान पर पहुंच गए, जहां करन की हत्या की गई थी। पीड़ित पक्ष की महिलाएं भी वहां पहुंच गईं और खंडहर मकान की जगह आरोपियों के नए मकानों को तोड़ने की मांग की। ये बुलडोजर के आगे खड़ी हो गई। अधिकारियों के समझाने पर महिलाएं हटीं और उसके बाद खंडहरनुमा मकान को ध्वस्त कर दिया गया।
यह था मामला
कस्बा निवासी करन कुमार की शनिवार की रात इदरीस उर्फ अनीस ने छुरे से गर्दन काटकर हत्या कर दी थी, इसके बाद वह खुद ही थाने पहुंच गया था, जहां उसने करन की हत्या का कारण परिवार की एक महिला के फोटो सोशल मीडिया पर डालना बताया था। घटना में दो नाबालिग सहित आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।