गभाना में पहुंची यूपीआईडीए की टीम बैठक करते हुए ।
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अंडला में डिफेंस इंडस्ट्रिल कॉरिडोर की स्थापना का काम आगे बढ़ाने के साथ यूपीडा की टीम गभाना के ख्यामई, बराकलां और जलालपुर में भी शिद्दत से जमीन तलाश रही है। मंगलवार को यूपीडा के दो भूमि अधिकारी ओपी पाठक और संजय चावला ख्यामई, बराकलां और जलालपुर भी गए। ख्यामई में 60 हेक्टेयर, जलालपुर में 20 हेक्टेयर और बराकलां में 50 हेक्टेयर सरकारी जमीन मिल रही है। एडीएम प्रशासन डीवी पाल ने बताया कि विस्फोटक बनाने वाली फैक्टरी लगाने के लिए जमीन की तलाश हो रही है। इसलिए सुरक्षित और एकांत स्थान पर जमीन देखी जा रही है।
बताया कि यह तीनों स्थान डिफेंस कॉरिडोर के लिए विस्तारीकरण के लिए बेहतर हैं। सरकारी होने के कारण जमीन भी सस्ती पड़ रही है, इसलिए विस्तार के लिए ये जमीनें बेहतर विकल्प हैं। गत दिनों सीएम की वीडियो का कांफ्रेंस में गृह सचिव अवनीश अवस्थी ने निवेशकों को अंडला में जल्द से जल्द जमीन हस्तांतरित करने का निर्देश दिया था। इसके बाद स्थानीय प्रशासन ने जमीन हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करा दी है। वन विभाग को अंडला में पेड़ों का कटान कर जमीन साफ करने के लिए कहा गया है।
ख्यामई में जमीन का मौजूदा सर्किल रेट करीब 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के करीब है जबकि हकीकत में जमीन 26 से 27 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक बिक रही है। डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन ली गई तो किसानों को सर्किल रेट का दोगुना भुगतान मिलेगा, यानी लगभग 64 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर। इसलिए किसान भी जमीन देने के लिए उत्साहित हैं।
यूपीडा के अधिकारियों के साथ फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स के नवनीत वार्ष्णेय, मुकेश जैन और मोहित कुमार ने भी जमीन देखी और किसानों से बात की। ख्यामई की कुल जमीन 60 हेक्टेयर इस प्रोजेक्ट में आ सकती है। इसलिए अंडला से ख्यामई तक के सभी संपर्क मार्ग देखे जा रहे हैं, जिससे संपर्क बेहतर हो सके। एसडीएम गभाना प्रवीण यादव ने बताया कि टीम के अधिकारियों ने जो जानकारी मांगी है उनको उपलब्ध कराई जा रही है। ख्यामई से अंडला सात किलोमीटर है। वीरपुर सोमना मार्ग से एक रास्ता और है, उसको भी देखा जा रहा है।