29 जनवरी को डीडीयू गेट के पास परेशान मरीज बैठे मिले। उनसे पूछा गया कि वह क्यों परेशान हैं, इस पर बोले कि कुछ दवाएं तो अस्पताल से मिल गईं, लेकिन डॉक्टर ने पांच दवाएं बाहर की लिख दी हैं। इन दवाओं को खरीदने के लिए उनके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं।
अलीगढ़ के पंडित दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय (डीडीयू) परिसर में बाहर की दवाएं लिखने पर मरीजों का दर्द फूट पड़ा। मरीजों ने कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह दवाएं बाहर से खरीद लें। 29 जनवरी को डीडीयू गेट के पास परेशान मरीज बैठे मिले। उनसे पूछा गया कि वह क्यों परेशान हैं, इस पर बोले कि कुछ दवाएं तो अस्पताल से मिल गईं, लेकिन डॉक्टर ने पांच दवाएं बाहर की लिख दी हैं। इन दवाओं को खरीदने के लिए उनके पास ज्यादा पैसे नहीं हैं। जितने पैसे उनके पास हैं, दवाएं मिल गईं तो अच्छी बात है। वर्ना, बृहस्पतिवार को दवाएं लेनी पड़ेगी। मरीजों ने कहा कि यह दवाएं प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर नहीं मिलीं।
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साहब छुट्टी पर हैं..
डीडीयू की ओपीडी में कई डॉक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं थे। दो कक्ष के बाहर साहब छुट्टी पर होने का नोटिस चस्पा था। दोपहर 12:45 बजे ओपीडी में कक्ष 1,2,3,5,7,8,11 में डॉक्टर अपनी कुर्सी पर नहीं थे। कक्ष के बाहर मरीज डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। कक्ष-7 अंदर से बंद था। बाहर खड़े मरीजों ने कई बार उसे खटखटाया, लेकिन वह नहीं खुला।
मरीजों के बोल
एलर्जी के चलते चेहरे पर दाने व फुंसी निकल आए हैं। वह डॉक्टर को दिखाने आई थीं। कुछ दवाएं से अस्पताल से मिल गईं, जबकि कुछ दवाएं बाहर की लिख दी गई हैं। बाहर से मजबूरी में दवाएं लेनी पड़ी।-विमला देवी, मरीज
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सांस लेने की परेशानी है। डॉक्टर को दिखाने के लिए आए थे, लेकिन वह अपने कक्ष में नहीं थे। तीन दिन पहले डॉक्टर के पास आए थे, तब उन्होंने पर्चे पर बाहरी दवाएं लिख दीं। इतने पैसे नहीं है कि दवाएं खरीद सकें।-सरनाम, मरीज
कुछ डाॅक्टर छुट्टी पर थे, जबकि कई डॉक्टर भ्रमण पर थे, इसलिए वह अपने कक्ष में नहीं थे। फिर भी उनसे पूछताछ की जाएगी। इसके अलावा अस्पताल के डॉक्टर को बाहर की दवा लिखने की इजाजत नहीं है। इस मामले में संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब किया जाएगा।-डॉ. एमके माथुर, सीएमएस, डीडीयू