पुरानी कृष्णांजलि में नया भवन और नौरंगाबाद में बनेगा पार्क
नुमाइश मैदान की कृष्णांजलि नाट्यशाला के जीर्णशीर्ण भवन को ढहा कर यहां पर नया भव्य भवन बनाया जाएगा। जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही सामूहिक विवाह जैसे आयोजन हो सकेंगे। इसके पास ही एक मैरिज होम बनाया जाएगा, जिसमें जरूरतमंद परिवार कम से कम किराया देकर बेटियों का विवाह कर सकेंगे। नौरंगाबाद में नगर निगम की 84 बीघा जमीन पर पार्क विकसित किया जाएगा। इन सबका निर्माण एडीए कराएगा, जिसके लिए नुमाइश इंतजामिया और नगर निगम से करार किया जाएगा।
एडीए बोर्ड बैठक में वीसी कुलदीप मीणा ने बताया कि शहर में नगर निगम और जिला प्रशासन की खाली पड़ी जमीनों पर अलग-अलग विकास कार्य कराए जाएंगे। दोधपुर माफी के गाटा संख्या 78 एवं 87 में 9024 वर्गमीटर में थाना और सरकारी आवास बनाए जाएंगे। तस्वीर महल के गाटा संख्या 1053 में कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनेंगे। तिब्बिया कॉलेज के निकट गाटा संख्या 1062 में 2378 वर्गमीटर भूमि पर पुराने निर्माण ढहाकर नए निर्माण कराए जाएंगे। खैर रोड पर गाटा संख्या 2516 में 5500 वर्गमीटर में क्लीनिक और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं विकसित होंगी। मथुरा रोड पर भुजपुरा, मुल्लापाड़ा और दौलताबाद में नगर निगम की 84 बीघा जमीन में कुछ स्थान खाली है, जहां पर कॉमर्शियल और आवासीय योजना बनाने का प्रस्ताव है।
सेमी कंडक्टर, फार्मा और टेक्सटाइल अद्योग लगेंगे
अलीगढ़-पलवल हाईवे पर सोफा नहर के निकट विकसित की जा रही राजपुर इंटीग्रेटेड यूनिफाइड इंडस्ट्रियल सिटी के लिए एडीए बोर्ड ने भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। यहां पर सेमी कंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण की बड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी।
गांव सोफा, राजपुर और नारायणपुर की 1358 हेक्टेयर में इसको विकसित किया जा रहा है। इसके लिए किसानों से भूमि ली जाएगी। एडीए वीसी कुलदीप मीणा ने बताया कि राजपुर सिटी में सेमी कंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण की बड़ी कंपनियों ने अपने प्रोजेक्ट लगाने के प्रस्ताव दिए हैं। यह सभी प्रस्ताव इन्वेस्ट यूपी के तहत हैं। इन सभी को भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। चैतन्य प्रोजेक्ट कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड इस प्रोजेक्ट को डिजाइन कर रहा है। आधारभूत सर्वे करने के बाद इसका प्राथमिक डिजाइन बना लिया गया है। पुलिंग के माध्यम से जमीन लेने के लिए 10 परामर्शदाता नियुक्त किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह इंडस्ट्रियल सिटी जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से महज 35 किमी दूर है। इसी हाईवे पर अंडला के पास डिफेंस कॉरिडोर, राजा महेंद्र प्रताप सिंह विवि, ट्रांसपोर्ट नगर, ग्रेटर अलीगढ़ योजना है। जिससे राजपुर इंडस्ट्रियल सिटी तेजी से विकसित होगा।
अलीगढ़ ड्रेन और जाफरी ड्रेन पर ग्रीन ब्लू कॉरिडोर बनाने की योजना
अलीगढ़ ड्रेन और जाफरी ड्रेन पर ग्रीन ब्लू कॉरिडोर बनाया जाएगा। इन दोनों रजबहा की 29.41 किमी लंबाई में यह कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसकी लागत 1526 करोड़ रुपये आंकी गई है। 25 फीसदी धनराशि केंद्रीय सहायता से मिलेगी, शेष 25 फीसदी एडीए और नगर निगम वहन करेंगे। 50 फीसदी निजी कंपनी देगी। पीपीपी मॉडल पर इस परियोजना को विकसित करने वाली कंपनी को यह कॉरिडोर 30 वर्ष के संचालन के लिए दिया जाएगा। तीन वर्ष की निर्माण अवधि मानी गई है। इस योजना से दोनों रजबहों पर जल संशोधन संयंत्र लगाए जाएंगे। जिनसे रोजाना 90 एमएलडी पानी को शोधित किया जाएगा। जलनिकासी सुधार और सीवरेज संशोधन का काम भी होगा।
खैर में बाईपास, गभाना में एडीए दफ्तर और किशनपुर में बनेगी आवासीय योजना
खैर में नया बांस से चमन नगरिया होते हुए टैंटीगांव तक करीब 10 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण को मंजूरी मिली है। 70 करोड़ की लागत से प्रस्तावित इस बाईपास के बनने से खैर में जाम की समस्या कम होगी। गभाना में 8.50 हेक्टेयर में एडीए का जोनल कार्यालय, गेस्ट हाउस और मिड-वे विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। जीटी रोड हाईवे से सटे होने के कारण मिड-वे में व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्थापित हो सकेंगे। शहर के किशनपुर इलाके में एडीए की 6,680 वर्गमीटर भूमि पर आवासीय एवं वाणिज्यिक परियोजना विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।
हाईटेक तकनीकी से रोकेंगे अवैध निर्माण
एडीए ने शहर में अवैध निर्माण पर शिकंजा कसने के लिए हाईटेक तकनीकी का प्रयोग करने की तैयारी की है। इस पर तीन वर्ष में चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू सूचना विज्ञान विभाग से करार किया जाएगा। यह संस्था एडीए को जीआईएस आधारित नियोजन, भू स्थानिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से जमीनों के डिजिटल रिकॉर्ड बनाने में मदद करेगी। जिससे कहीं भी अवैध निर्माण होने पर एडीए को सूचना मिलेगी और प्रवर्तन दल कार्रवाई कर सकेंगे।
तीन गांव होंगे विकसित
- गांव सोफा, राजपुर और नारायणपुर में ली जाएगी जमीन
- 1358 हेक्टेयर भूमि के लिए किसानों से होगा करार
- बोर्ड बैठक में भूमि लेने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
- इन्वेस्ट यूपी के तहत बड़ी कंपनियों ने दिए हैं प्रस्ताव