अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में होली खेलने की लिखित अनुमति से जुड़े प्रकरण का 7 मार्च को एएमयू ने पटाक्षेप कर दिया। साफ कह दिया है कि होली खेलने के लिए एनआरएससी हॉल दो दिन उन सभी छात्रों के लिए खुला रहेगा, जो होली खेलना चाहते हैं। वे जमकर रंग गुलाल उड़ाएं, किसी को कोई आपत्ति या रोकटोक नहीं। बाकी एएमयू परिसर में भी कहीं भी होली खेली जा सकती है। गत वर्षों में भी होली को लेकर कोई मनाही नहीं रही है।
ये विवाद उस दिन शुरू हुआ, जब एएमयू के विधि छात्र अखिल ने एनआरएससी हॉल में होली मिलन कार्यक्रम के संबंध में लिखित अनुमति मांगी। मगर एएमयू प्रशासन ने इस तर्क के साथ लिखित अनुमति देने से इंकार कर दिया कि हमेशा एएमयू में होली खेली जाती रही है। इसके लिए अलग से अनुमति नहीं दी जा सकती। इसके बाद विवाद शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर एएमयू के खिलाफ वार छिड़ गया। हिंदू संगठनों के स्तर से भी विरोध व बयानबाजी शुरू हो गई। एएमयू स्तर से इस तरह के बयान जारी कराए गए कि वर्षों से एएमयू में सभी हॉलों में होली खेली जाती रही है। कभी कोई रोकटोक या मनाही नहीं हुई। इसे लेकर तनाव सरीखे हालात बनने लगे।
पुलिस प्रशासन के स्तर से इसमें दखल दिया गया। अनुमति मांग रहे छात्र से वार्ता की गई। एएमयू इंतजामिया से वार्ता हुई। इसके बाद 7 मार्च को एएमयू स्तर से ये घोषणा की गई है कि एएमयू का एनआरएससी हॉल दो दिन 13 व 14 फरवरी को एएमयू के उन सभी छात्रों के लिए खुला रहेगा, जो होली खेलना चाहते हैं। किसी को न रोका टोका जाएगा न रंग गुलाल उड़ाने की मनाही होगी। बाकी परिसर में भी होली के दिन कोई रोकटोक नहीं होगी। इस संबंध में एनआरएससी हॉल के प्रोवोस्ट प्रो.बीबी सिंह ने बताया कि दो दिन होली खेलने के लिए हॉल में कोई पाबंदी नहीं। सिर्फ एएमयू के छात्र यहां आकर होली खेल सकते हैं।