विद्युत अभियंता कार्यालय ने कहा कि नलकूप पर विद्युत आपूर्ति बंद करा दी गई है। किसान खेतों में काम करने पहुंच गया। काम करते समय अचानक से उनका हाथ नलकूप के सहारे लगे विद्युत खेंच से छू गया, लेकिन उसमें करंट आ रहा था, जिससे उसके दोनों हाथ झुलस गए।
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अलीगढ़ में अतरौली के गांव राजमऊ मुजफ्फरा में बिजली के करंट से झुलसे किसान के दोनों हाथ कटने के मामले में विद्युत विभाग को 15.50 लाख रुपये का मुआवजा किसान को देना होगा। यह आदेश स्थायी लोक अदालत ने किसान की याचिका पर दिया है। साथ में मुआवजा राशि पर ब्याज भी देनी होगी।
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यह प्रकरण वर्ष 12 दिसंबर 2016 का है। गांव राजमऊ मुजफ्फरा के किसान बंटी के अनुसार उनके नलकूप पर लगी डिश तकनीकी खराबी के कारण नष्ट हो गई। इसकी सूचना विद्युत विभाग को दी गई। मगर कोई उसे सही करने नहीं आया। अगले दिन उसने विद्युत अभियंता कार्यालय में जाकर जानकारी दी तो उन्होंने भरोसा दिया कि फिलहाल नलकूप पर विद्युत आपूर्ति बंद करा दी गई है। जल्द डिश को सही करा दिया जाएगा। इस पर भरोसा कर वह खेतों में काम करने पहुंच गए। काम करते समय अचानक से उनका हाथ नलकूप के सहारे लगे विद्युत खेंच से छू गया, लेकिन उसमें करंट आ रहा था, जिससे उसके दोनों हाथ झुलस गए।
उपचार में चिकित्सक ने दोनों हाथ काट दिए। इसमें दस लाख रुपये खर्च हुए। बाद में फिर विद्युत अभियंता कार्यालय में मिला। वहां से शासन से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया गया। लेकिन कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने न्यायालय में वाद दायर किया लेकिन विद्युत विभाग ने घटना सिरे से नकार दी। इस पर बंटी ने स्थायी लोक अदालत में याचिका दायर की। जिसकी सुनवाई करते हुए स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष शंकरलाल, सदस्य सत्यदेव व आरती की पीठ ने आदेश दिया है कि विद्युत विभाग बंटी के पक्ष में याचिका दायर करने की तारीख 19 अप्रैल 2018 से 7 फीसदी ब्याज सहित 15.50 लाख रुपये मुआवजा व पांच हजार रुपये वाद व्यय का भुगतान करेगा।