अमरचंद्र कन्हीलाल का इकलौता पुत्र था, उसकी पत्नी बेबी और बेटी काव्या 20 दिन पूर्व ससुराल गोधनपुर गांव गई थीं, जो उसके घर से करीब 25 किमी दूर है। शाम को अमरचंद्र, पत्नी और बेटी को लेकर घर लौट रहा था, तभी गांव से पांच सौ मीटर दूर यह हादसा हो गया।
बरला कस्बा के नानऊ-छर्रा मार्ग पर गांव पहाड़ीपुर के समीप बाइकों की भिड़ंत में जान गंवाने वाला अमरचंद्र (25) अपने घर से मात्र पांच सौ मीटर दूर था, तभी मौत ने झप्पटा मारा। अमरचंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी और पत्नी-बेटी घायल पड़े थे। लेकिन परिवारवालों को एक घंटे बाद हादसे का पता चल सका।
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गांव पहाड़ीपुर निवासी अमरचंद्र कन्हीलाल का इकलौता पुत्र था, उसकी पत्नी बेबी और बेटी काव्या 20 दिन पूर्व ससुराल गोधनपुर गांव गई थीं, जो उसके घर से करीब 25 किमी दूर है। शाम को अमरचंद्र, पत्नी और बेटी को लेकर घर लौट रहा था, तभी गांव से पांच सौ मीटर दूर यह हादसा हो गया। अमर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
मौके पर पहुंची पुलिस की जीप और पीआरवी पहुंची तो मुकल और गुड्डू पंडित की सांसों को चलता देख अकराबाद सीएचसी ले गईं, जबकि घायल पड़ी बेबी उसकी बेटी काव्या और अमरचंद्र के शव पुलिस छर्रा पीएचसी पहुंची। हादसे की खबर एक घंटे बाद अमरचंद्र के पिता को हुई तो वह छर्रा पहुंचे, जहां सीएचसी में बहू-बेटी का हालत गंभीर देखते हुए पास में ही स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करा दिया है।
मुकुल और गुड्ड़ू पार्टनर थे
हादसे में मृत कारोबारी मुकुल और गुड्डू पंडित सरसों की तूरी की खरीद-फरोख्त के कारोबार में पार्टनर थे। बताया गया है कि वह तूरी को बेचने के बाद किसी ईंट-भट्ठे से 27 हजार रुपये की नकदी लेकर कस्बा कौड़ियागंज लौट रहे थे लेकिन रास्ते में ही हादसे का शिकार हो गए। हादसे के बाद मुकुल की जेब से 27 हजार रुपये निकले, जिसे पुलिस ने अपने पास सुरक्षित रख लिया। मुकुल के परिजन अकराबाद सीएचसी भी पहुंच गए थे। बताया गया है कि मुकुल तीन भाइयो में सबसे छोटे थे और उन्होंने अपने पीछे पत्नी माला देवी को बिलखते हुए छोड़ा है। वहीं गुड्डू पंडित तीन भाइयो में बीच के थे।