चार साल से सगे छोटे भाई की हत्या में जेल में बंद नामजद की बुधवार देर रात जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। जेल प्रशासन ने कई दिन पहले उसे डीडी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से उसे एएमयू के जेएन मेडिकल रेफर कर दिया गया था। पुलिस में बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
जलाली कस्बे के मोहल्ला अबुल फजल निवासी ओमप्रकाश व जितेंद्र उर्फ जीतू पुत्रगण रामस्नेही सगे भाई थे। इसमें ओमप्रकाश सबसे बड़ा और जितेंद्र सबसे छोटा था। घटना 6 अगस्त 2020 की दोपहर की है, जब गली के बंटवारे को लेकर दोनों भाइयों के बीच झगड़ा हुआ। जीतू की पत्नी का आरोप था कि इस दौरान ओमप्रकाश ने उसके पति जितेंद्र के पेट में चाकू घोंप दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी सोनम देवी की ओर से जेठ ओमप्रकाश के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।
तभी से ओमप्रकाश जेल में बंद था। परिजनों के अनुसार उसके पेट में कोई समस्या थी, जिसका समय पर उचित उपचार नहीं मिल पाया। परिजनों के अनुसार इस संबंध में जेल प्रशासन से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इलाज के लिए शासन से आर्थिक मदद की मांग की गई थी, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर उसे दीनदयाल संयुक्त चिकित्सालय भर्ती कराया गया। जहां हालत बिगड़ने पर उसे एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे उसकी मौत हो गई।