अलीगढ़ में जहरीली शराब के सेवन से लोगों की मौत होने का सिलसिला जारी है। शनिवार को थाना पिसावा क्षेत्र के गांव शादीपुर में एक महिला सहित पांच लोगों की व थाना टप्पल क्षेत्र के गांव मादक और कस्बा जट्टारी में चार लोगों की मौत हो गई। लोधा के करसुआ बॉटलिंग प्लांट के बाहर एक ट्रक चालक भी मृत पाया गया।
टप्पल व पिसावा के करीब चार लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, जिन्हें जेवर के कैलाश अस्पताल व अलीगढ़ में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। वहीं मृतकों के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस पर शवों का पोस्टमार्टम नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रशासन पर लापरवाही और हीला हवेली करने का आरोप लगाया है।
शवों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतकों के परिजनों ने बताया कि जहरीली शराब का सेवन करने से किसी के भाई तो किसी के रिश्तेदार की मौत हो गई है। रात से लेकर सुबह तक करीब 25 शवों के पोस्टमार्टम हो चुके हैं। वहीं 11 शव पोस्टमार्टम हाउस पर जमीन पर लाइन से रखे हुए हैं।
यहां पोस्टमार्टम करने के लिए ना कोई डॉक्टर है ना कर्मचारी। पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिला प्रशासन के अधिकारियों से भी वार्ता हो गई है। लेकिन पोस्टमार्टम के लिए अभी भी कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है।
वहीं चुनाव के समय भी जनप्रतिनिधि गांव-गांव हाथ जोड़कर चक्कर लगाते हैं, लेकिन जनपद में इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी किसी जनप्रतिनिधि ने ना गांव में जाकर ना ही पोस्टमार्टम हाउस पर आकर सुध ली है।
अलीगढ़ के इस जहरीली शराब मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए छह लोग आज जेल भेजे गए। इनमें निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख रेणु शर्मा पत्नी ऋषि शर्मा और रालोद नेता जिला पंचायत सदस्य पति अनिल चौधरी शामिल हैं। अनिल व ऋषि मुख्य तस्कर हैं। वहीं आईबी की टीम ने लखनऊ से अलीगढ़ में आकर डेरा डाला हुआ है और गोपनीय तरीके से जांच कर रही है।