कासगंज के गंजडुंडवारा में संदिग्ध हालत में छत से गिरे लोधा के गांव राइट के 25 वर्षीय भट्ठा मजदूर मोंटी की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। उसको उपचार के लिए यहां भरती कराया गया था। इस खबर पर पहुंचे परिजनों ने मजदूर की पत्नी व साथी मजदूर पर हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। वहीं कासगंज पुलिस ने तहरीर मिलने से इंकार करते हुए कहा है कि मजदूर की मृत्यु छत से गिरने से हुई है।
घटनाक्रम के अनुसार लोधा के गांव रायट का मोंटी (25) ईंट भट्ठा पर मजदूरी करता था। 15 दिन पहले अपनी पत्नी, तीन बच्चों को लेकर कासगंज के गंजडुंडवारा के गांव सुजावलपुर क्षेत्र के भट्ठे पर काम करने गया था। वहीं किराये पर रहने लगा। मोंटी के भाई संजय के अनुसार उसकी पत्नी ने खबर दी कि मंगलवार देर शाम वह शराब पीकर आया। दूसरी मंजिल पर छजली पर जाकर लेट गया। इसी बीच नीचे गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मजदूर के सहयोग से पास के अस्पताल में ले जाया गया। जहां से बुधवार को जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। इस सूचना पर लोधा से परिजन भी पहुंच गए। रात में मोंटी को मृत घोषित कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया व परिजनों के सुपुर्द कर दिया। शाम को गांव लाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण सिर में किसी तरह चोट लगना आया है। इस मामले में गंजडुंडवारा एसएचओ विनोद कुमार का कहना है मजदूर की छत से गिरकर मृत्यु हुई थी। परिवार की कोई तहरीर नहीं मिली है। वहीं सीओ गभाना संजीव तोमर का कहना है यहां परिजनों ने हमसे कोई मदद नहीं मांगी है।
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भाई व परिवार ने मढ़े आरोप
मोंटी के भाई संजय की ओर से गंजडुंडवारा पुलिस को तहरीर देने की बात कहते हुए आरोप लगाया गया है कि उनका भाई एक माह पहले तक गुजरात में परिवार के साथ रहकर काम करता था। वहां सुजावलपुर का पड़ोसी मजदूर भी था। तब उसकी पत्नी उसे छोड़ने की धमकी देकर काम छुड़वाकर यहां ले आई। सुजावलपुर वाला पड़ोसी भी उनके साथ आया। उसी के कहने पर अब सुजावलपुर में काम शुरू किया। जहां पत्नी व पड़ोसी मजदूर ने मिलकर हत्या कर दी है। मोंटी की मां सुमन देवी ने पत्नी व पड़ोसी मजदूर पर आरोप लगाए है। कहा कि बेटे की शादी 2014 में जयपुर की रहने वाली युवती से हुई थी।
मोबाइल को लेकर बोला झूठ
भाई संजय का कहना है कि हम लोग जब मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो पता चला कि वह मोंटी को घायल हालत में छोड़कर उसकी पत्नी साथी मजदूर संग जाना चाहती थी। परिजनों ने रोका तो बृहस्पतिवार को अंतिम संस्कार के लिए वह यहां आई। उससे उसके मोबाइल के विषय में पूछा तो पहले उसने कासगंज में मोबाइल रह जाने की बात कही। मगर वह कुछ देर बाद मिल गया।