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लोधा के बाद हरियाणा बॉर्डर पर जहरीली शराब से मौत का तांडव

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जहरीली मौत से शुक्रवार सुबह से शुरू हुआ मौत का तांडव शनिवार को भी जारी है। शुक्रवार को इस तांडव का केंद्र लोधा रहा तो शनिवार को यह केंद्र हरियाणा बॉर्डर का टप्पल व पिसावा बनता दिखा। यहां से देर शाम तक जहरीली शराब पीने से सर्वाधिक बीमार आते दिखे और मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता दिखाई दिया। इसे लेकर पुलिस प्रशासनिक मशीनरी बेहद हैरान है। साफ संकेत हैं कि हरियाणा बॉर्डर पर सक्रिय तस्करी की शराब बेचने वाले इस क्षेत्र में लगातार कारोबार कर रहे हैं।
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शनिवार सुबह सबसे पहली खबर पिसावा क्षेत्र के गांव शादीपुर से मिली। ग्रामीणों के दावे के अनुसार वहां सात मौत अब तक हुई हैं। बताया गया है कि शादीपुर के लोग नगलिया बिजना, मीरपुर, मरहैला के शराब ठेकों से शराब खरीदते थे, लेकिन ठेके बंद होने के चलते शादीपुर में अवैध बिक्री करने वालों से शराब खरीदकर पी, जिससे ज्यादातर लोगों की तबियत रात्रि में ही खराब होने लगी। सुबह तक गांव के किरनपाल, विशंबर, संदीप, गुड्डी देवी, लालाराम की मौत हो गई। कैलाश हॉस्पिटल में गुड्डू व सुरेंद्र उर्फ गुड्डू व प्रवेश भेजे गए हैं। जिनमें से प्रवेश की मौत हुई है, जबकि गांव में ससुराल में रह रहे गाजियाबाद के सागर की मौत हुई है। इस खबर पर सांसद व विधायक भी गांव पहुंचे। इधर, गांव कारह कादिलपुर में सतीश, राधेश्याम व सोनू की तबियत बिगड़ने पर जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां सतीश की मौत हो गई है।
टप्पल क्षेत्र के गांव मादक में डिप्टी, विनोद, उपेंद्र व कस्बा जट्टारी में रामपाल सिंह, गुलजारी, दीपू, विपिन, संजय, रविंद्र सहित नौ लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। अखिलेश व सुमित का मेडिकल में उपचार चल रहा है। जट्टारी के मुकेश का कैलाश अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं टप्पल कस्बा में चिंटा की मौत हुईहै।
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जवां में गांव पला कस्तली के महावीर की मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार कर दिया गया, जबकि तनवीर का मेडिकल में इलाज चल रहा है। लोधा के सूजापुर में छोटेलाल का बिना बिना पोस्टमार्टम अंतिम संस्कार किया गया है। इसके अलावा क्षेत्र के करसुआ, भानौली आदि में कई मौत हुई हैं। गभाना में गांव कोरह के अशोक की मौत हुई है।
तो बंदी के बावजूद बेची गई शराब
टप्पल व पिसावा क्षेत्र में कुछ लोगों ने शनिवार सुबह भी शराब पी है, जबकि कुछ ने शुक्रवार शाम को भी पी है। इससे साफ है कि शुक्रवार दिन में ही शराब कांड का शोर मचने के बाद दुकानें बंद करा दी गईं। इसके बद यह शराब कहां से और कैसे बिक गई।
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