जिले में जहरीली शराब से हो रही मौतों का सिलसिला जारी हैै। एक के बाद एक लाशें पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंच रही हैं। वहां के फर्श पर 10 से 12 लाशें बनी हुई हैं। ये सिलसिला इसलिए नहीं थम रहा है क्योंकि सरकारी अमला दो दिन बाद भी जहरीली शराब के गोदाम तक नहीं पहुंच पाया है। जहां ये जहर बनाया गया। जब तक वो माल नहीं पकड़ा जाएगा। गोदाम सील नहीं होगा। माल बिकने से रोका नहीं जाएगा। तब तक इस जहर को पीने से रोकना मुश्किल है और ऐसे में मौतों को रोक पाना नामुमकिन है। कार्रवाई के नाम पर ठेकेदार की निशानदेही पर केवल 116 क्वार्टर बरामद किए गए हैं, जिनको जहरीली शराब का माल माना जा रहा है। बाकी कहां कितना माल रह गया है। इसकी जांच पड़ताल जारी है। आबकारी विभाग की 12 टीमें जिले भर में ऐसे माल को ढूंढ रही हैं। आबकारी विभाग, पुलिस, प्रशासनिक टीमें सभी लगातार इस माल को शिद्दत से खोज रही हैं, लेकिन बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। जिससे पूरा का पूरा माल बरामद हो सकता और इस बड़ी चिंता से मुक्ति मिल पाती।
पूरे प्रदेश में सुर्खियों में छा गए इस प्रकरण में आगरा से जांच कराने आए आबकारी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर आरएस पाठक ने बताया कि अभी तक जहरीली शराब का पूरा माल नहीं मिला है। इसकी जांच जारी है। हर संभव सूत्र से पता लगाया जा रहा है कि कहीं ऐसा कोई भी संदिग्ध माल हो तो उसकी जानकारी दें, ताकि जांच कराई जा सके। जहां जहां से सूचना मिल रही है, टीमें तत्काल पहुंच कर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने बताया कि लोधा में ही केवल 116 क्वार्टर मिले हैं। बाकी जगहों पर तलाश जारी है। इसके लिए 12 टीमें लगाई गई हैं। एक असिस्टेंट कमिशभनर, एक इंस्पेक्टर एक सिपाही मिला कर चार टीमें बनी हैं। इसके अलावा आबकारी इंटेलीजेंस ब्यूरो प्रयागराज से दो डिप्टी कमिशभनर अलग-अलग दो टीमों के साथ जांच कर रहे हैं। जिले की चार तहसीलों में एसडीएम, सीओ, छह आबकारी इंस्पेक्टरों के साथ चार टीमें जुटी हैं। शहर में इसी तरह से दो टीमें बनी हैं। सभी दुकानों में रेंडम चेकिंग भी जारी है। पूरा स्टाक बार कोड के साथ मिलवाया जा रहा है। जिस दुकान के लिए जो माल आवंटित है, उसके अलावा कोई भी आइटम मिलने पर दुकानें सील की जा रही हैं। जब तक दुकानों की चेकिंग पूरी नहीं होती, कोई दुकान नहीं खुलेगी। जिले में दो दिन में ये जांच पूरी की जाएगी।