अब सिर्फ बुजुर्ग ससुर ही लड़ रहे कानूनी लड़ाई
इस पूरे मुकदमे में अब एकमात्र जीवित आरोपी बचे हैं ससुर श्योराज। करीब 80 वर्ष की उम्र के पड़ाव पर पहुंच चुके श्योराज इस ढलती उम्र में भी अकेले अदालत की तारीख पर पहुंच रहे हैं। न्यायपालिका की फाइलों में धूल फांक रहे इस अनोखे मामले की अगली सुनवाई अब सिविल जज जूनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 के न्यायाधीश मो. फरहान की अदालत में 26 सितंबर को तय की गई है।
जांच अधिकारी अदालत में पेश करते हैं रिपोर्ट
विधि के जानकार दिनेश कुमार कहते हैं कि मुकदमा ट्रायल के चरण में है और पुलिस को आरोपी की मौत की बात पता चलती है, तो पुलिस या जांच अधिकारी अदालत में अपनी रिपोर्ट या तस्दीकशुदा जानकारी पेश करते हैं। जब अदालत में कानूनी रूप से यह पुष्टि हो जाती है कि आरोपी की मौत हो चुकी है, तो उस मृत आरोपी के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त कर दिया जाता है। इस मामले में अदालत तक आरोपियों की मौत की सूचना ही नहीं पहुंच सकी।