अलीगढ़ के रामघाट रोड को रोशन करने के लिए एडीए ने 55 लाख खर्च कर डिवाइडर पर पोल लगाकर 100 स्ट्रीट लाइटें लगवाई। जुलाई में लगीं यह लाइटें चार दिन ही जलीं, उसके बाद बंद हो गईं। जब पड़ताल की गई तो पता चला कि हैंडओवर की प्रक्रिया में इस मार्ग का प्रकाश फंस गया है। प्राधिकरण यह लाइटें नगर निगम को हैंडओवर करने की तैयारी कर रहा है। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होगी लाइटें नहीं जलेंगी।
रामघाट रोड के डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइटें अभी नगर निगम को हैंडओवर नहीं हुई हैं। जब तक स्ट्रीट लाइटें नगर निगम को पूरी तरह हैंडओवर नहीं हो जातीं, तब तक इन लाइटों को जलाने और बुझाने की जिम्मेदारी अलीगढ़ विकास प्राधिकरण की है।- अजय कुमार सक्सेना, एक्सईएन, नगर निगम
55 लाख रुपये से रामघाट रोड के डिवाइडर पर एलईडी स्ट्रीट लाइटें लगवाई गई थीं। कनेक्शन जोड़ कर इसे कावंड़ यात्रा के समय चालू किया गया था लेकिन बिजली निगम ने कनेक्शन काट दिया। इस कारण लाइटें बंद हैं। नगर निगम को हैंडओवर करने की प्रकिया चल रही है।- हरीश चौधरी, एई, एडीएविज्ञापन विज्ञापन
स्ट्रीट लाइट के बिजली कनेक्शन को लेकर एडीए ने कोई संपर्क नहीं किया है। बिना सूचना के अगर कनेक्शन जोड़ा है तो यह भी गलत है।- पीए मोंगा, एसई, नगरीय
यह अलीगढ़ शहर की प्रमुख मार्ग है। स्ट्रीट लाइटों के बंद होने से रात के समय सड़क पर अंधेरा छाया रहता है। - प्रदीप गौड़, एटा चुंगी
सड़क पर गड्ढे और लाइटें बंद होने से वाहन चालकों और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - कपिल शर्मा, रघुवीर पुरी
लाइटें बंद होने से सड़क पर मौजूद गड्ढों के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। - सरिता, सासनी गेट
राहगीरों व लोगों की सुविधा के लिए 55 लाख खर्च कर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई लेकिन इसका कोई इस्तेमाल नहीं हो रहा। - राम रतन, क्वार्सी