भले ही स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में कई इलाके रोशनी की चकाचौंध में डूबे हुए दिख सकते हैं, लेकिन शाम होते ही के शहर में कई सड़कें और पुलों अंधेरे का साम्राज्य हो जाता है। यहां से रात में गुजरने वाले वाहन चालकों एवं राहगीरों को अनहोनी का डर सताता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी नगर निगम और संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
लंबे समय से बंद हैं एलईडी एवं स्ट्रीट लाइटें
महानगर के मीनाक्षी पुल, छर्रा अड्डा पुल, कठपुला, जेल ओवरब्रिज, बरौला पुल, जमालपुर समेत अन्य पुल रात में अंधेरे में डूबे रहते हैं। दरअसल, पुल पर लगीं एलईडी एवं स्ट्रीट लाइटें काफी समय से बंद हैं। इसका खामियाजा वाहन चालकों एवं राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। अराजक तत्व आए दिन अंधेरे का लाभ उठाते हुए वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। शिकायत के बाद भी अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सभी पुल शहर की लाइफ लाइन हैं। मीनाक्षी पुल शहर के बीचों-बीच होकर निकलता है। पुराने शहर का पूरा ट्रैफिक का लोड इस पर ही रहता है। छर्रा अड्डा पुल से कानपुर और दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों की अधिक संख्या रहती है। कठपुला एवं जेल पुल पर भी कलेक्ट्रेट, दीवानी, एएमयू आदि की ओर जाने वालों की काफी संख्या रहती है।
इन सभी पुलों पर रात में अंधेरा छाया रहता है। शाम होते ही यहां अंधेरा पसर जाता है। इससे हर समय हादसा होने की संभावना बनी रहती है। शहर के बीच में बने मीनाक्षी पुल काफी क्षतिग्रस्त भी है। इसके नीचे से रेलवे लाइन भी गुजरती है। जिससे हर समय खतरा बना रहता है। यह पुल पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के बीच में फंसे रहते हैं। इसलिए इन पर मरम्मत का कार्य भी समय से नहीं हो पा रहा है।
शहर के सभी ओवरब्रिजों पर प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया जाएगा, ताकि रात में यहां से गुजरने में किसी तरह की परेशानी ना हो।
- अमित कुमार भट्ट, अपर जिलाधिकारी नगर