सीएए-एनआरसी हिंसा के दौरान जिले में पुलिस के संसाधनों के नुकसान की भरपाई अब बलवाइयों से मेरठ में होगी। प्रदेश सरकार ने सूबे के लखनऊ और मेरठ जिले में संपत्ति क्षति दावा अधिकरण का गठन किया है। इसमें अलीगढ़ जिले का मुख्यालय मेरठ को बनाया गया है। इस प्राधिकरण के गठन के बाद अब वसूली के काम में तेजी आएगी। जिला पुलिस-प्रशासन की ओर से इसमें क्षति के 1.83 लाख रुपयों को वसूलने का दावा ठोका जाएगा।
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के दौरान 15 दिसंबर की रात को एएमयू में और 20 दिसंबर को शाहजमाल और चरखवालान हुए बवाल के दौरान पुलिस के संसाधनों के नुकसान की भरपाई बलवाइयों से करना तय हुआ था। बलवाइयों ने पुलिस के छह ब्रज वाहनों को पथराव से क्षति पहुंचाई। 12 कुर्सियों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे 4 सीसीटीवी कैमरे तोड़े थे। ब्रज वाहनों में हुए नुकसान का आकलन 1.15 लाख रुपये किया गया था। वहीं, कुर्सी और सीसीटीवी कैमरों का नुकसान 68 हजार रुपये आंका गया था। इस तरह से ये पूरी रकम 1.83 लाख रुपये तय हुई थी। पुलिस प्रशासन की ओर से इस नुकसान की भरपाई के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट सौंपी गई है। जिला प्रशासन ने इसे शासन को संदर्भित कर दिया था। अब प्रदेश सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकार के दंगे और बलवे के आरोपियों से सरकारी संपत्ति को होने वाले नुकसान की भरपाई की जाएगी।
एसएसपी मुनिराज जी के मुताबिक प्रदेश सरकार की ओर से दावा ठोकने की पूरी गाइड लाइन आने के बाद सीएए-एनआरसी हिंसा के दौरान हुए नुकसान की रिपोर्ट प्राधिकरण को भेजी जाएगी।