एक के बाद एक कई आरोप लगाकर भाजपा बृज प्रांत के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष निर्भय सिंह ने बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने ये मांग पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं गृहमंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के निजी सचिव, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय, प्रदेश संगठन मंत्री और क्षेत्रीय मंत्री बृज प्रांत को भेजा है।
इसमें आरोप लगाया गया है कि बरौली विधानसभा में आने वाले चंडौस ब्लाक पर पूर्व में ठा. दलवीर सिंह या उनके करीबी लोगों का कब्जा था, लेकिन फिलहाल में निर्भय सिंह की मां वहां की ब्लाक प्रमुख हैं। इसी वजह से निर्भय सिंह को उनके कालेज, ब्लाक और अन्य कामकाज में झूठे आरोपों से फंसाया जा रहा है।
निर्भय ने कहा है कि आरजीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोेलाजी एंड मैनेजमेंट नगलिया पल्ला सलू जीटी रोड पर विधायक के करीबी लोगों ने कब्जा कर रखा है। उनके आरकेएमएस चेरीटेबिल हास्पिटल पर आयुष्मान योजना से गरीबों के इलाज हो रहे थे, लेकिन फर्जी शिकायतें और जांच के कारण इसको बंद करा दिया गया। छह महीने की लंबी जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने इसको खुलवाया है। ऐसे में विधायक के खिलाफ कार्रवाई हो। निर्भय ने भी कहा है कि वह जाट हैं इसलिए उनको परेशान किया जा रहा है।
बरौली विधायक ठा. दलवीर सिंह ने सभी आरोपों को नकार दिया है। उन्होंने बताया कि निर्भय सिंह के पॉलीटेक्नीक कॉलेज में 60 सीटों की मान्यता है, जिसमें 250 की भर्ती की गई है। डेढ़ लाख रुपये तक अलग से वसूले गए। जांच में पॉलीटेक्नीककी मान्यता खत्म हो गई है। निर्भय के खिलाफ हजरतगंज थाना लखनऊ में 420 का मुकदमा दर्ज है।
बाहरी प्रांतों के छात्र यहां ठगी के शिकार हुए हैं। परीक्षा और परिणाम नहीं आ रहा है। ऐसे संस्थानों पर कार्रवाई हो और उनको बंद किया जाए। हास्पिटल की मान्यता भी संदिग्ध है। सरकार ने आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़ा इसके ही अस्पताल में पकड़ा गया। चंडौस ब्लाक में डस्टबिन घोटाला भी इनकी देन है। अब शासन इन सभी मामलों में कार्रवाई कर रहा है। मुख्यमंत्री को इससे अवगत कराया गया है।