गांव भोज नगरिया में ब्राह्मणों के घरों के सामने गली में जलभराव की स्थिति है, पूर्व में पानी बाईपास के रास्ते पर बनीं नालियों से पोखर तक पहुंचता था, जिसकी दूरी अधिक है। एक पक्ष ने जलभराव की समस्या से निजात पाने को नालियों का रुख अनुसूचित जाति की बस्ती की ओर करने की बात कही।
ग्राम पंचायत मजूपुर सुबकरा के माजरा ग्राम भोज नगरिया में पानी की निकासी के लिए नालियों का रुख अनुसूचित जाति की बस्ती की ओर मोड़ने की चर्चा पर विरोध शुरू हो गया। अनुसूचित जाति के लोगों ने विरोध में अपने मकानों पर बिकाऊ हैं का संदेश लिख दिया। सूचना पर उपजिलाधिकारी इगलास महिमा, सीओ विशाल चौधरी, कोतवाल विजयकांत शर्मा और बीडीओ राजीव वर्मा मौके पर पहुंच गए। घंटों की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने लोगों को समझाते हुए घरों से बिकाऊ है का संदेश मिटवाया।
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गांव भोज नगरिया में ब्राह्मणों के घरों के सामने गली में जलभराव की स्थिति है, पूर्व में पानी बाईपास के रास्ते पर बनीं नालियों से पोखर तक पहुंचता था, जिसकी दूरी अधिक है। एक पक्ष ने जलभराव की समस्या से निजात पाने को नालियों का रुख अनुसूचित जाति की बस्ती की ओर करने की बात कही। दलित समाज और ब्राह्मण पक्ष की नालियों के बीच करीब 14 मीटर की दूरी है, जिससे पानी पोखर तक जा सकता है। अभी किसी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, केवल चर्चा चल रही थी। इसका पता चलने पर रविवार की सायं अनुसूजित जाति के लोगों ने विरोध जताया।
कोतवाल विजयकांत शर्मा गांव में पहुंचे और लोगों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि जब अभी निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हुआ है तो विरोध क्यों किया जा रहा है। फिर भी समस्या से अधिकारियों को अवगत कराएंगे, तब तक शांति बहाल रखें। आश्वासन के बावजूद सोमवार सुबह सवेरे अनुसूचित जाति के लोगों ने मकान बिकाऊ है संदेश लिख दिया। इसकी सूचना पर एसडीएम, सीओ और बीडीओ भी पहुंच गए। अधिकारियों ने कहा है कि बिना दोनों पक्षों की सहमति के कोई भी निर्माण कार्य नहीं कराया जाएगा। गांव में फिलहाल शांति है।